सरकारी विभाग और कई उपभोक्ता जल संस्थान के करोड़ों रुपये के बिलों पर कुंडली मारे बैठे हैं। विभाग को इस वित्तीय वर्ष में कुल 3.14 करोड़ रुपये का लक्ष्य मिला हुआ है, जिसके सापेक्ष अभी तक मात्र 1.42 करोड़ रुपये की ही वसूली हो सकी है।
स्थापना के बाद से ही पटवारी चौकियों का चार लाख रुपये के बिलों का भुगतान नहीं हो सका है। विभाग ने वसूली प्रक्रिया तेज कर दी है। विभिन्न स्थानों पर उपभोक्ता भी 80 से 90 लाख रुपये दबाए बैठे हैं।
जल संस्थान डिविजन के अंतर्गत द्वाराहाट, चौखुटिया, स्याल्दे, भिकियासैंण आदि इलाके आते हैं। इन स्थानों पर पेयजल के वितरण का जिम्मा जल संस्थान चिलियानौला के ऊपर है। अब बकाया बिलों की वसूली के लिए विभाग ने अभियान तेज कर दिया है।
जो उपभोक्ता लंबे समय से बिलों पर कुंडली मारे बैठे हैं, विभाग ने उनके लिए सरचार्ज माफी की प्रक्रिया भी अपनाई हुई है। इसके तहत 31 जनवरी तक शत प्रतिशत बिल जमा करने वालों को शत प्रतिशत, 15 फरवरी तक 75 प्रतिशत, 28 फरवरी तक 60 फीसदी और 15 मार्च तक 60 फीसदी सर चार्ज माफ करने की योजना बनाई गई है।
अधिकारियों का कहना है कि कई उपभोक्ता स्कीम के तहत बिल जमा कर चुके हैं। 31 मार्च तक बिलों का भुगतान नहीं करने वाले विभागों और उपभोक्ताओं का पेयजल संयोजन काटने की चेतावनी दी गई है।
विभाग को इस वित्तीय वर्ष में कुल 3.14 करोड़ रुपये की वसूली करनी है, लेकिन अभी तक सिर्फ 1.42 करोड़ रुपये की ही वसूली हो सकी है। शेष बिल की वसूली के लिए बकाएदार विभागों और उपभोक्ताओं को नोटिस भेज दिए गए हैं।
इन विभागों के पास हैं लाखों रुपये का बकाया
शिक्षा विभाग- 12 लाख रुपये
राजस्व विभाग -04 लाख रुपये
स्वास्थ्य विभाग-3.50 लाख रुपये
वन विभाग-1.57 लाख रुपये
80 से 90 लाख रुपये द्वाराहाट, चौखुटिया, स्याल्दे क्षेत्र में कई उपभोक्ताओं के पास।
बकायेदारों से वसूली की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। शिक्षा विभाग सहित तमाम विभागीय अधिकारियों को नोटिस भेज दिए गए हैं। लक्ष्य प्राप्ति के लिए हर संभव प्रयास चल रहे हैं। समय पर बिल जमा नहीं करने वालों के संयोजन विच्छेदित किए जाएंगे। सीएस देवड़ी, सहायक अभियंता, जल संस्थान चिलियानौला।