बेस अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्थाओं से गुस्साए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ता सोमवार को मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय आ धमके। उन्होंने कार्यालय में घुसते ही तोड़फोड़ शुरू कर दी। कार्यकर्ताओं के तेवर देख सीएमओ डा. केसी भट्ट ने बेस के सीएमएस डा. पीके उप्रेती और प्रमुख चिकित्साधीक्षक डा. डीपी दुर्गापाल को मौके पर बुलाया और प्रदर्शनकारियों से वार्ता र्की। अधिकारियों से व्यवस्था में सुधार का आश्वासन मिलने पर कार्यकर्ता शांत हुए।
एबीवीपी कार्यकर्ता पांडेखोला स्थित मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय पहुंचे। नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ताओं ने कार्यालय के शीशे का दरवाजा, कक्ष के भीतर रखा शीशे का टेबल तोड़ डाला। कार्यकर्ता दो मंजिले में सीएमओ कक्ष में पहुंचे। वहां रजिस्टर और अन्य कागजात बिखेर दिए। उसके बाद कार्यकर्ताओें ने सीएमओ का घेराव किया। उनका कहना था कि बेस अस्पताल में सफाई और भोजन व्यवस्था चरमराई हुई है।
प्रदेश सह मंत्री राजेंद्र राठौर ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन की लापरवाही से व्यवस्थाएं चरमराई हुई हैं। उन्होंने इसके लिए सीएमओ और सीएमएस को जिम्मेदार ठहराया। अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बाद में सीएमओ से व्यवस्था में सुधार का आश्वासन मिलने पर शांत हुए। चेतावनी दी कि यदि व्यवस्थाओं में जल्द सुधार नहीं हुआ तो पुन: आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। घेराव और प्रदर्शन में राजेंद्र सिंह राठौर, कुमाऊं सह संयोजक रविशंकर गुसांई, जिला संयोजक मनीष बिष्ट, विभाग सह प्रमुख देवेश अवस्थी, सौरभ वर्मा, पूर्व छात्र महासंघ उपाध्यक्ष दीपक वर्मा, सुनील कठायत, सुनील सैनी, अक्षित पांडे, कमलेश भाकुनी, राहुल खोलिया, दयाशंकर कठायत, विनोद लटवाल, ललित मोहन, हर्षवर्धन, आशीष जोशी, कमल उपाध्याय, रोहित कुमार, अभिलाष वर्मा, युवराज बसेड़ा आदि मौजूद थे।
ये लगाए आरोप
बेस अस्पताल में साफ-सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है
भोजन व्यवस्था चरमराई हुई है
मरीजों से इलाज के नाम पर पैसा वसूला जाता है।
डाक्टर समय पर अस्पताल नहीं पहुंचते
मरीजों को इलाज के लिए प्राइवेट क्लीनिक भेजा जाता है
गरीब मरीजों को भी बाहर की दवाइयां लिखी जाती हैं