हिमालय बचाओ-बसाओ अभियान के तहत क्रिएटिव उत्तराखंड म्यर पहाड़ एवं बिपिन त्रिपाठी विचार मंच की ओर से शीतला पुष्कर मैदान में स्व. बिपिन त्रिपाठी की 13वीं पुण्य तिथि पर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। वक्ताओं ने चिंता जताते हुए कहा कि आज देश को बचाने में लोकतंत्र, आजादी, विकास, स्वतंत्रता सभी दांव पर है। उन्होंने पंचेश्वर बांध को जन विरोधी बताते हुए बांध प्रभावित 134 गांवों में जाकर जन सुनवाई करने की बात कही।
मुख्य अतिथि और यूकेडी के वरिष्ठ नेता काशी सिंह ऐरी ने स्व. त्रिपाठी के विचारों को याद करते हुए कहा कि उनके अंदर क्षेत्र, प्रदेश और देश में किसी भी गलत कार्यों का प्रतिशोध करने की क्षमता थी। उन्होंने कहा कि आज देश को बचाने में लोकतंत्र, आजादी, विकास, स्वतंत्रता और अस्तित्व सभी दांव पर हैं। इस हालत में हिमालय बचाओ-बसाओ पर अगर एकजुट नहीं हुए तो देश भी नहीं बचेगा। उन्होंने पंचेश्वर बांध को जन विरोधी बताया। वरिष्ठ उक्रांद नेता और नैनीताल के पूर्व विधायक डा. नारायण सिंह जंतवाल ने कहा कि राज्य बनने के 17 वर्षों बाद भी राज्य की परिकल्पना अधूरी है और उन्होंने इसके लिए संघर्ष को जरूरी बताया। पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी ने पीएम मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उनके द्वारा हिमालयी राज्यों में दिए जा रहे भाषणों में पहाड़ की पानी और जवानी पर विचार व्यक्त किए जा रहे हैं जबकि 1979 में दल के संस्थापक डा. डीडी पंत ने ही यह नारा दिया था और उत्तराखंड क्रांति दल हमेशा उसी की बात करता है। उन्होंने पंचेश्वर बांध पर केंद्र और राज्य की खिंचाई करते हुए कहा कि पूर्व में टिहरी बांध से 125 गांव डुबो दिए गए और उन लोगों के पुनर्वास की व्यवस्था आज तक नहीं हो पाई है।
उन्होंने सरकारों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि 17 सालों में अस्पतालों को निजी हाथों में सौंपने, 900 से अधिक स्कूल बंद करने, मेडिकल कालेज सेना को सौंप दिए जाने जैसी घोषणाएं ही सरकारों की उपलब्धियां हैं। इस मौके पर परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी, महासचिव प्रभात ध्यानी, माकपा माले नेता इंद्रेश मैखुरी, अजीत साहनी, चारू तिवारी, डा. शमशेर सिंह बिष्ट, मधुबाला कांडपाल, बहादुर सिंह रावत, सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता बीडी जोशी ने भी विचार रखे। कार्यक्रम की अध्यक्षता चौखुटिया के ब्लाक प्रमुख बिशन राम ने तथा संचालन जगदीश बुधानी ने किया। इस मौके पर नगर पंचायत अध्यक्ष विमला साह, दिनेश तिवारी, पूरन तिवारी, अमीर्नुरहमान, शिवराज बनौला, ब्रह्मानंद डालाकोटी, गिरीश साह, गोपाल मेहता, जगदीश उपाध्याय, मनोज अधिकारी, हेम रावत, कैलाश भट्ट, कंचन साह, ममता भट्ट आदि मौजूद थे।