कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करते जौलकांडे के ग्रामीण
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तीन साल पूर्व सड़क निर्माण में कटी भूमि का मुआवजा नहीं मिलने से नाराज जौलकांडे के ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने 15 दिन के भीतर कृषि भूमि का ब्याज सहित भुगतान नहीं करने पर पीडब्लूडी के खिलाफ उग्र आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी।
कलक्ट्रेट पहुंचे जौलकांडे के ग्रामीणों ने कहा कि अगस्त 2014 में लेटी के लिए सड़क निर्माण शुरू हुआ। सड़क बनाने के लिए उनकी खड़ी फसलों वाले खेतों में बुलडोजर चला दिया गया। खेतों के कट जाने से फसल और चारे का नुकसान हुआ। सड़क निर्माण के दौरान उन्हें जमीन के साथ ही फसल और घास का मुआवजा देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन तीन साल बीतने के बाद भी किसी को मुआवजे की राशि नहीं दी गई है। कई बार मांग करने के बाद भी विभाग उदासीन बैठा हुआ है। इससे सभी प्रभावित परिवारों में नाराजगी है। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से 15 दिन के भीतर मुआवजा देने के निर्देश पीडब्लूडी के अधिकारियों को देने की मांग की। कहा कि यदि उन्हें मुआवजा नहीं मिला तो विभाग के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।
प्रदर्शन करने वालों में किशोर चंद्र शर्मा, लक्ष्मी दत्त, महेश चंद्र शर्मा, घनश्याम तेवाड़ी, पूरन चंद्र शर्मा, भगवती देवी, सरस्वती तिवाड़ी, खीमानंद तिवाड़ी, नवीन चंद्र, रमेश चंद्र, नयन सिंह बिष्ट, दीवान सिंह बिष्ट, हयात सिंह बिष्ट, गिरीश सिंह बिष्ट आदि ग्रामीण शामिल थे।