अल्मोड़ा में कुलपति को ज्ञापन सौपते उछास नेता
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अल्मोड़ा। एसएसजे परिसर में पठन पाठन सुचारु करने और पुस्तकों की कमी दूर करने की मांग के लिए शुक्रवार को उत्तराखंड छात्र संगठन (उछासं) ने कुलपति को ज्ञापन सौंपा। छात्रों का कहना है कि कुमाऊं विश्वविद्यालय के परिसर को सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय का नाम देकर सरकार ने विश्वविद्यालय घोषित किया है, लेकिन पिछले तीन वर्षों से यह विश्वविद्यालय और इसका मुख्य परिसर न व्यवस्थित हो पाया है, न ही यहां अध्ययन-अध्यापन का उचित वातावरण तैयार हो पाया है।
विश्वविद्यालय में अधिकतर छात्र-छात्राएं निम्न, मध्यम वर्ग से आते हैं। पर्वतीय क्षेत्रों के ग्रामीण अंचलों से यहां आने वाले विद्यार्थियों की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है लेकिन छात्र-छात्राओं के लिए विश्वविद्यालय में पुस्तकों की भारी कमी है। अधिकतर छात्रों को जरूरत के अनुसार किताबें नहीं मिल पातीं। इस कारण बड़ी संख्या में छात्र कुंजी के सहारे परीक्षाएं देने को विवश हैं। इससे विश्वविद्यालय का स्तर लगातार नीचे जा रहा है। पछासं ने कहा कि तमाम छात्र छात्राओं को जरूरत के अनुसार किताबें उपलब्ध कराने और विश्वविद्यालय में अध्ययन, अध्यापन का वातावरण तैयार करने के लिए तत्काल प्रयास किए जाएं। इसके साथ ही विश्वविद्यालय परिसर विद्यार्थियों के विकास के लिए अन्य गतिविधियां, सेमिनार, समाज की ज्वलंत समस्याएं सुलझाने के लिए कार्यक्रम आयोजित कर उसमें छात्रों की भागीदारी कराए। मांगों को पूरा न करने पर उछासं आंदोलन करेगा। ज्ञापन सौंपने वालों में उछासं नेता दीक्षा सुयाल, भारती पांडेय, दीपांशु पांडेय, आरती रावत, बलवंत नगरकोटी आदि थे।