दुग नाकुरी क्षेत्र के दो इलाकों की आपसी खींचतान से वहां स्वीकृत डिग्री कालेज नहीं खुल सका है। कुछ गांवों के लोग बनलेख में तो कुछ पतकन्या में कालेज की स्थापना चाह रहे हैं। क्षेत्रवाद के कारण कालेज न खुलने का खामियाजा छात्र-छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है।
दुग नाकुरी के पंचायत प्रतिनिधियों ने बृहस्पतिवार को डीएम बीएस मनराल को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि पतकन्या में कालेज के लिए ग्रामीणों ने 200 नाली नाप भूमि दिलाने का प्रस्ताव दुग नाकुरी के तहसीलदार को दिया। क्षेत्र के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राम दत्त जोशी ने कहा कि उनके आग्रह पर मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पिछले साल डिग्री कालेज की घोषणा की थी। शासन ने तभी पदों का सृजन भी कर दिया।
क्षेत्र का केंद्र बिंदु बनलेख है। यहां तहसील आदि अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध हैं लेकिन संघर्ष समिति पतकन्या के अध्यक्ष चतुर सिंह भौर्याल ने कहा कि पिछले वर्ष पतकन्या को तहसील बनाने की मांग को लेकर आंदोलन चला। तब विधायक, एसडीएम ने लिखित आश्वासन दिया था कि दुग नाकुरी तहसील बनलेख में बनेगी जबकि डिग्री कालेज पतकन्या में खुलेगा।
ग्रामीणों ने कालेज की स्थापना के लिए उपलब्ध जमीन की रजिस्ट्री करा भवन बनने तक इसी सत्र से राइंका स्यांकोट में बीए की कक्षाओं के संचालन की मांग की है। अन्यथा आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में कनिष्ठ ब्लाक उप प्रमुख गोकुल सिंह पंचपाल, ग्राम प्रधानों में दीपा देवी, राधा देवी, लाल सिंह, पुष्पा देवी, मानुली देवी, चंपा देवी, नवीन पांडे, उदय सिंह, प्रकाश राम बीडीसी सदस्य गंगा देवी, गाऊंली देवी आदि शामिल हैं।