स्याल्दे (अल्मोड़ा)। विकासखंड स्याल्दे के छह से अधिक गांवों के लिए दीपा माई पंपिंग पेयजल योजना वरदान साबित हो रही है। करीब 8,60,29,000 की लागत से तैयार हुई इस योजना से वर्षों से पानी की किल्लत से जूझ रहे पांच हजार से ज्यादा लोगों को अब नियमित पेयजल मिलने लगा है।
इस योजना के तहत केदार स्थित रामगंगा नदी से पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था की गई है। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए योजना के अंतर्गत 11 स्टोरेज टैंक (जलाशय) बनाए गए हैं। इनकी कार्यक्षमता आगामी 30 वर्षों तक की आबादी की जरूरतों को पूरा करने का अनुमान है। इसके अलावा इस पंपिंग योजना का सीधा लाभ चचरोटी, खटलगांव, सटेड, खटलगैर, सदीगांव और नेवल गांव सहित आसपास के कई ग्रामीण क्षेत्रों को मिल रहा है।
कई अन्य पेयजल योजनाओं पर भी काम तेज
स्याल्दे विकासखंड में पानी की समस्या को खत्म करने के लिए कई अन्य बड़ी परियोजनाओं पर भी तेजी से काम चल रहा है। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं। इनमें चचरोटी पेयजल योजना का पुनर्गठन, सदे महर गांव पंपिंग पेयजल योजना, झिलगाड़ पंपिंग योजना, सुरगढ़ी पंपिंग पेयजल योजना शामिल हैं।
इनके अलावा जल निगम की ओर से छोटे ग्रामीण इलाकों की आवश्यकताओं के अनुसार अन्य नई पेयजल योजनाओं की कार्ययोजना (प्रपोजल) भी तैयार की जा रही है। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि इन योजनाओं के पूरे होते ही पूरे विकासखंड में पानी का नेटवर्क मजबूत होगा और ग्रामीणों को स्थायी राहत मिलेगी।
चचरोटी दीपा माई पंपिंग योजना का निर्माण कार्य पूरी तरह से संपन्न हो चुका है। इस योजना के शुरू होने से छह से अधिक ग्राम सभाओं को सबसे ज्यादा लाभ मिल रहा है जो लंबे समय से पानी के लिए परेशान थीं। वर्तमान में क्षेत्र की अन्य पेयजल योजनाओं पर भी काम चल रहा है, जिन्हें जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। - महेंद्र कुमार, एई, जल निगम, नौला