चिन्हीकरण की मांग को लेकर बुजुर्ग राज्य आंदोलनकारी मोहन सिंह रावत का आमरण अनशन तीसरे दिन भी जारी रहा। उनके स्वास्थ्य में लगातार गिरावट आ रही है। आंदोलन के समर्थन में ब्लॉक प्रमुख ममता भट्ट सहित तमाम जनप्रतिनिधि वहां पहुंचे। आंदोलनकारियों ने मांग पूरी होने के बाद ही आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की है।
70 वर्षीय राज्य आंदोलनकारी आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। इस बीच डाक्टरों ने उनके स्वास्थ्य की जांच की, बताया कि बीपी और वजन निरंतर गिर रहा है। इधर राज्य आंदोलनकारियों ने शासन-प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाया, कहा कि कई असली राज्य आंदोलनकारियों को आज तक राज्य आंदोलनकारी का दर्जा नहीं मिल सका है, जबकि ऐसे लोगों को सुविधाएं मिल रही हैं, जिनका राज्य आंदोलन से कोई नाता नहीं रहा।
पिछले दो सालों से लगातार आंदोलन को झूठे आश्वासनों के माध्यम से खत्म कराया गया है, लेकिन अब प्रशासन के झांसे में नहीं आएंगे। आंदोलन को स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों का भारी समर्थन मिल रहा है। उत्साहित राज्य आंदोलनकारियों ने आर-पार की लड़ाई का एलान कर दिया है। इधर, ब्लॉक प्रमुख ममता भट्ट, भाजपा नेता कैलाश भट्ट, सुरेंद्र सिंह, हिम्मत सिंह, लक्ष्मी लाल शाह, महेश पंत, देव सिंह, शिव सिंह रौतेला, कैलाश पांडेय सहित द्वाराहाट चौखुटिया के कई जनप्रतिनिधियों ने आंदोलन स्थल पर आकर समर्थन जताया।
धरने पर राज्य आंदोलनकारी मनोज अधिकारी, महेश प्रसाद, मोहन सिंह, कुंदन राम, धनी राम, गोपाल सिंह राणा, दान सिंह राणा, नवीन चंद्र जोशी, लक्ष्मण सिंह, मनोहर दत्त, किशन सिंह नेगी, राम सिंह बोरा आदि बैठे। इधर, आमरण अनशन पर बैठे मोहन सिंह रावत ने कहा कि जब तक मांग पूरी नहीं होगी, तब तक वह अनशन से नहीं उठेंगे।