अल्मोड़ा। पिछले दिनों हुई अतिवृष्टि से भैंसियाछाना ब्लॉक के तल्ला सेराघाट क्षेत्र में काफी नुकसान हुआ है लेकिन प्रशासन अतिवृष्टि प्रभावितों की सुध नहीं ले रहा है। अतिवृष्टि में मकान क्षतिग्रस्त होने से तीन परिवार बेघर हुए हैं जबकि पांच मकान खतरे की जद में हैं। खेतों में मलबा भरने से सब्जियां, फसल बर्बाद हो गई हैं। आपदा प्रभावित परिवारों ने अन्यत्र शरण ली है।
बारिश से तल्ला सेराघाट क्षेत्र में मकान, खेतों को काफी नुकसान पहुंचा है। अतिवृष्टि से आठ परिवार प्रभावित हैं। बहादुर राम, रामलाल, राजन राम के मकान क्षतिग्रस्त होने से वह बेघर हो गए हैं। इनमें से एक परिवार प्राइमरी स्कूल तल्ला सेराघाट, दो परिवार गंगोलीहाट क्षेत्र के शेरागढ़ में किराए पर रह रहे हैं। पांच मकानों को खतरा है।
अतिवृष्टि से खेतों में मलबा भरने से फसल, सब्जी बर्बाद हो गई है। भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य गोविंद सिंह पिलख्वाल ने भैंसियाछाना के दूरस्थ क्षेत्र हरड़ा, तरुला, आपदा क्षेत्र तल्ला सेराघाट क्षेत्र का भ्रमण कर जनसमस्याएं सुनीं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने आपदा के नाम पर प्रभावित परिवारों को कुछ मुआवजा देकर अपना पल्ला झाड़ लिया।
उन्होंने आपदा प्रभावित परिवारों के रहने का इंतजाम करने की मांग की है। भ्रमण में उनके साथ पूर्व ज्येष्ठ उपप्रमुख लक्ष्मण रावत, पूरन रावत, आनंद अंडोला, हरीश नेगी, बसंत मेहता, मोती सिंह बिष्ट, बहादुर राम, हयात नेगी, पूरन नेगी, भगवान नेगी, राम लाल, राजन राम, इंद्रा देवी, मनीषा, पूजा, नीतू, दीवान राम आदि शामिल थे।