अल्मोड़ा। लमगड़ा ब्लॉक के ठाना मठेना में बीते रविवार को जंगल की आग बुझाते वक्त झुलसी सरस्वती देवी की हल्द्वानी में उपचार के दौरान मौत हो गई, जबकि साथ में झुलसी उनकी बहू का इलाज चल रहा है। बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया गया। देर शाम गांव में मृतका का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
लमगड़ा ब्लाक के ठाना मठेना में बीते रविवार को जंगल में अचानक आग लग गई थी। घरों की ओर बढ़ रही आग को बुझाते समय सरस्वती देवी (60) पत्नी हीरा सिंह और उनकी बहू हेमा देवी (25) पत्नी नंदन सिंह बुरी तरह झुलस गए थे। परिजन उन्हें जिला अस्पताल अल्मोड़ा ले गए थे और वहां
से उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया था। बृहस्पतिवार सुबह सरस्वती ने सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी में दम तोड़ दिया। ग्राम प्रधान रमेश रौतेला ने बताया कि हल्द्वानी में पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर गांव पहुंचे। देर शाम शव की अंत्येष्टि कर दी गई। उन्होंने बताया कि बहू हेमा अब भी हल्द्वानी में उपचार चल रहा है। एसटीएच के प्लास्टिक सर्जन डॉ. हिमांशु सक्सेना ने बताया कि हेमा देवी को अभी खतरे से बाहर नहीं कहा जा सकता है।