अल्मोड़ा/चौखुटिया। संवाद न्यूज एजेंसी से जुड़े रानीखेत के युवा पत्रकार नवीन भट्ट की पत्नी तनुजा भट्ट (26) का अल्मोड़ा के बेस चिकित्सालय में निधन हो गया। वह पिछले कुछ दिनों से कोरोना से संक्रमित थीं। उनका ऑक्सीजन लेवल 95 से गिरकर 35 चला गया था।
किसी तरह से बेस चिकित्सालय अल्मोड़ा पहुंचने के बाद उनके स्वास्थ्य में मामूली सुधार भी हुआ। चिकित्सकों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की लेकिन अंतत: वह शनिवार रात करीब 11 बजे वे कोरोना से जंग हार गई। उनके निधन पर पत्रकारों समेत कई लोगों ने शोक व्यक्त किया है।
रानीखेत के चिलियानौला निवासी पत्रकार नवीन भट्ट की पत्नी तनुजा की तबियत खराब होने पर उन्हें शुक्रवार शाम बेस अस्पताल अल्मोड़ा में भर्ती किया गया। शनिवार रात करीब 11 बजे उपचार के दौरान ही उन्होंने अंतिम सांस ली। तनुजा की मौत से सात वर्षीय बेटी सौम्या, पति नवीन भट्ट समेत अन्य परिजनों का बुरा हाल है।
तनुजा के निधन पर सांसद अजय भट्ट, सांसद अजय टम्टा, विधायक करन माहरा, महेश नेगी, पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी, महिला आयोग उपाध्यक्ष ज्योति साह मिश्रा, ब्लॉक प्रमुख हीरा रावत, व्यापार मंडल अध्यक्ष भगवंत नेगी, पूर्व कैंट बोर्ड उपाध्यक्ष मोहन नेगी, पूर्व ब्लॉक प्रमुख रचना रावत, विमल सती आदि ने शोक जताया है।
वहीं अल्मोड़ा में विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, उक्रांद नेता शिवराज सिंह मेहरा, उत्तराखंड देव भूमि क्रांति मंच अध्यक्ष रविंद्र चंद्र जोशी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष महेश आर्या, ब्लॉक अध्यक्ष गोपाल देव, नगर अध्यक्ष उमेश भट्ट, बीडीसी सदस्य दीपक कन्नू साह, पूर्व जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र बिष्ट, पीसीसी सदस्य कैलाश पांडे, भाजपा जिला महामंत्री प्रेम शर्मा, नगर अध्यक्ष राजेंद्र जसवाल, विमला रावत, हंसा दत्त बवाड़ी, जगदीश अग्रवाल, त्रिभुवन शर्मा, विनोद भार्गव, चंदन भगत, गिरीश भगत, भुवन पपनै, पूरन पपनै आदि ने शोक जताया है।
मम्मी के बिना एक पल भी न रहने वाली बेटी को क्या जवाब दूं
चौखुटिया (संवाद)। नवीन भट्ट की सात साल की एक बेटी सौम्या है। जो हमेशा अपनी मम्मी के लाड़-प्यार में डूबी, उन्हीं से चिपकी रहती थी। सदमे में डूबे नवीन अपनी नन्ही बेटी को लेकर ज्यादा चिंतित हैं। रुआंसे शब्दों में नवीन ने कहा कि मेरी तो दुनिया ही उजड़ गई। अपनी मम्मी के बिना एक पल भी न रहने वाली बेटी को क्या बताऊं। अब किस मुंह से घर जाऊं? ऐसे वज्रपात की कभी कल्पना नहीं की थी।