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मुआवजे के लिए पशुपालकों ने किया प्रदर्शन

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गरुड़ में एडीएम को ज्ञापन सौंपते आक्रोशित पशुपालक। - फोटो : GARUD
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गरुड़ (बागेश्वर)। राजस्थानी बकरियाें के मरने और स्थानीय पशुओं में अज्ञात बीमारी फैलने से कौसानी न्याय पंचायत क्षेत्र के पशुपालक आक्रोशित हैं। उन्होंने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर 1.74 लाख की बकरियां खरीदकर लाने वाले आजीविका परियोजना के अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने और उन्हें मुआवजा देने की मांग की।
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अज्ञात बीमारी से मरीं बकरियों का मुआवजा देने की मांग को लेकर कौसानी, सोली, कौलाग, रतमटिया, भोजतगढ़, लौबांज, डोबा, डुगलोट के आक्रोशित पशुपालक तहसील मुख्यालय पहुंचे। तहसील मुख्यालय में उन्होंने प्रशासन और आजीविका मिशन के खिलाफ नारेबाजी की। पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने कहा कि राजस्थान प्रजाति के बकरियों में जो बीमारी थी, उससे स्थानीय पशुओं को भी संक्रमण हुआ है। कौसानी न्याय पंचायत में अज्ञात बीमारी से दर्जनों स्थानीय पशु मर गए। उन्होंने पशुपालन विभाग से क्षेत्र के सभी पशुओं को टीका लगाने की मांग की। कांग्रेस नेता बालकृष्ण ने कहा कि अज्ञात बीमारी बकरियों को मरे एक माह से अधिक समय हो गया है लेकिन प्रशासन ने आजीविका परियोना के अधिकारियों के खिलाफ आज तक कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि परियोजना क्रय विक्रय अधिकारी के खिलाफ शीघ्र कानूनी कार्रवाई नहीं हुई तो वह एसडीएम कार्यालय के सामने भूख हड़ताल करने को मजबूर होंगे। प्रदर्शन करने वालों में ग्राम प्रधान पचना प्रकाश कोहली, मनोज सिंह, रेखा देवी, मुन्नी, भगवती, पूरन सिंह, ललित कोरंगा, राम प्रसाद, नंदी, चंदन सिंह, किसन सिंह सहित तीन दर्जन से अधिक पशुपालक थे।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी परियोजना के तहत जो बकरियां अज्ञात बीमारी से मरी हैं, उसकी जांच के लिए तीन समिति कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी की रिपोर्ट आते ही आजीविका परियोजना के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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- जयवर्धन शर्मा, एसडीएम
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