गरुड़ (बागेश्वर)। श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन के तहत कौसानी न्याय पंचायत क्षेत्र के महिला समूहों को मिलीं राजस्थानी प्रजाति की 24 से अधिक बकरियां अज्ञात बीमारी से मर गई हैं। स्थानीय नस्ल के भी कई जानवर बीमार हो गए हैं। पशुपालकों ने आजीविका परियोजना के अधिकारियों से बकरियों को वापस ले जाने की मांग की है।
हिमगिरी और संजीवनी आजीविका संघ के 23 समूहों के 180 परिवारों को आय बढ़ाने के लिए 20 दिसंबर को राजस्थानी प्रजाति की बकरियां बांटीं थीं। इनमें से ग्राम रतमिटया निवासी रामप्रसाद की छह बकरियां मर गईं जबकि 11 बकरियां बीमार हो गईं। कौसानी निवासी अशोक सिंह रौथाण, आनंद जेठा, कृष्णा बिष्ट, प्रेमा देवी की एक-एक बकरी मर गई। इनमें से अधिकतर बकरियों में पेचिस के लक्षण देखे गए। ज्येष्ठ उपप्रमुख बहादुर सिंह कोरंगा, रतमटिया के हेमंत बिष्ट, मनोज बिष्ट, लौबांज के प्रधान मनोहर अल्मिया समेत कौसानी, सौली, नाकुरी, लौबांज, रतमटिया, भोजगढ़, कौलाग, डुगलोट के ग्रामीणों ने समूहों को दी गईं बकरियों को वापस राजस्थान भेजने की मांग की है। एसडीएम जयवर्धन शर्मा ने आजीविका परियोजना के विपणन प्रबंधक राहुल मिश्रा को इन बकरियों के टीकाकरण के निर्देश दिए हैं लेकिन मोबाइल फोन पर संपर्क न हो पाने के कारण विपणन प्रबंधक का पक्ष नहीं मिल सका।