बिजली मजदूर की मौत के बाद सोमश्वर अस्पताल में ठेकेदार और अवर अभियंता का घिराव करते ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
सलौंज (झुपुलचौरा) में बिजली लाइनों को छू रही टहनियों को काटने के लिए तार ढीले करने के दौरान बिजली का पोल के टूट जाने से धामुक गांव निवासी 28 वर्षीय मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया। उपचार के लिए सोमेश्वर अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। गुस्साए लोगों ने मृतक के परिवार को पर्याप्त मुआवजा देने की मांग को लेकर अस्पताल से शव पोस्टमार्टम के लिए नहीं भेजने दिया। लोगों ने यहां बिजली विभाग के अवर अभियंता और एसडीओ का भी घिराव किया। इससे पहले बिजली विभाग के अधिकारियों के नहीं पहुंचने पर अल्मोड़ा-कौसानी सड़क पर भी लोगों ने युवक का शव लेकर कुछ देर जाम लगाया।
सोमेश्वर क्षेत्र में बिजली आपूर्ति का काम ठेकेदार के अधीन है। ठेकेदार के अधीन काम कर रहे धामुक गांव निवासी राजेश गिरि (28) पुत्र रमेश गिरि और भगंवत लाल वर्मा रविवार को दिन में करीब 11 बजे सलौंज (झपुलचौरा) में बिजली लाइनों को छू रही पेड़ की टहनियों की लॉपिंग करने के गए थे। यहां राजेश पोल पर चढ़ा और तारों को ढीला करने लगा। इसी दौरान पोल टूट गया। पोल के साथ ही जमीन पर गिरे राजेश के सिर में गंभीर चोट आई। भगवंत ने स्थानीय ग्रामीणों की सूचना दी तो यहां पहुंचे लोग गंभीर रूप से घायल राजेश गिरि को सोमेश्वर अस्पताल ले गए। अस्पताल मेें डाक्टरों ने राजेश गिरि को मृत घोषित कर दिया। दोपहर बाद करीब तीन बजे ठेकेदार दिनेश नेगी अस्पताल पहुंचे।
ग्रामीणों ने ठेकेदार का घिराव किया। बिजली विभाग के अधिकारियों के नहीं पहुंचने पर ग्रामीणों ने शव के साथ अल्मोड़ा-कौसानी मार्ग में कुछ देर जाम भी लगाया। विभाग के अवर अभियंता खुशाल सिंह सायं 5:10 बजे और एसडीओ संतोष अग्रवाल सायं 5:30 बजे सोमेश्वर अस्पताल पहुंचे तो ग्रामीणों और महिलाओं ने उनका घिराव किया। ग्रामीणों ने मृतक के परिवार को पर्याप्त मुआवजा देने की मांग की। ठेकेदार ने अपनी ओर से मृतक के परिजनों को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का आश्वासन
दिया। एसडीओ अग्रवाल ने कहा कि विभाग द्वारा मामले की कमेटी से जांच कराने का प्राविधान है। कमेटी की रिपोर्ट मिलने के बाद विभाग की ओर से मृतक के परिवार को चार लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा। ग्रामीण का कहना था कि जांच कमेटी की रिपोर्ट का वह इंतजार नहीं कर सकते हैं। अस्पताल परिसर में रखा शव उन्होंने नहीं उठाने दिया। इस दौरान काफी संख्या में पुलिस बल भी अस्पताल में मौजूद था। इधर विद्युत विभाग के एसडीओ संतोष अग्रवाल ने बताया कि ठेकेदार द्वारा दो लाख रुपये का चेक राजेश गिरि के परिजनों को दे दिया गया है। जबकि विद्युत विभाग द्वारा सोमवार को 80 हजार रुपये राजेश गिरि के परिजनों को दिए जाएंगे। शेष तीन लाख 20 हजार की धनराशि विभाग की जांच कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद मृतक के परिजनों को दी जाएगी। जिसके बाद ग्रामीणों ने देर रात आंदोलन समाप्त कर दिया है।
राजेश के जिम्मे था मां का पालन पोषण
सोमेश्वर। मृतक राजेश गिरि धामुक गांव में अपनी मां के साथ रहता था। मां के पालन पोषण की जिम्मेदारी भी उसी पर थी। उसका छोटा भाई दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता है।
राजेश ठेकेदार के अधीन कार्य करता था। बिजली दुर्घटना होने पर अधीक्षण अभियंता द्वारा जांच कमेटी गठित की जाती है। कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही विभाग द्वारा मृतक के परिवार को चार लाख रुपये मुआवजा देने का प्रावधान है।