सर्वदलीय संघर्ष समिति के बैनर तले जिला विकास प्राधिकरण (डीडीए) को समाप्त करने की मांग को लेकर विभिन्न संगठनों ने गांधी पार्क में मंगलवार को धरना दिया। इस अवसर पर प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश सरकार और जिला विकास प्राधिकरण के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने प्राधिकरण जबरन जनता पर थोपा है। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्राधिकरण समाप्त होने पर ही आंदोलन समाप्त होगा।
उन्होंने कहा कि शासन ने बिना किसी तैयारी और सर्वेक्षण के अल्मोड़ा समेत पूरे उत्तराखंड में डीडीए लागू कर दिया। जिससे ग्रामीण जनता के साथ ही शहर के लोग भी परेशान हैं। मैदानी और पहाड़ी क्षेत्र में एक से नियम लागू कर दिए हैं। जिससे अल्मोड़ा सहित पहाड़ी क्षेत्र में भवन निर्माण करना मुश्किल हो गया है। समिति के अध्यक्ष पालिकाध्यक्ष प्रकाश जोशी ने कहा कि प्राधिकरण लागू होने से स्थानीय निकाय कमजोर हुए हैं। प्राधिकरण द्वारा एकल खिड़की की गई व्यवस्था नाममात्र की है।
उक्रांद जिलाध्यक्ष शिवराज बनौला ने समर्थकों के साथ आंदोलन को समर्थन दिया और कहा कि सरकार ने शराब नीति में राजस्व घाटा पूरा करने के लिए नीतियों में बदलाव कर दिया है, लेकिन प्राधिकरण से पर्वतीय क्षेत्रों की जनता होने वाली कठिनाइयों को अनदेखा कर रही है।
धरने पर यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह मेहरा, पीजी गोस्वामी, सुनयना मेहरा, लीला खोलिया, आनंदी वर्मा, ललित पंत, हाजी शब्बीर, राजू गिरि, चंदन बिष्ट, लक्ष्मण ऐठानी, हेम जोशी, चंद्रमणि भट्ट, पीतांबर पांडे, भारत भूषण पांडे, गोविंद बिष्ट, कमलेश जोशी, वैभव पांडे, सूरज वाणी, ललित कनवाल, राहुल कनवाल, त्रिलोक चौहान, पंकज खंपा, पुष्कर बिष्ट, रोहित कार्की,राजीव कर्नाटक आदि ने भाग लिया।