काश्तकारों को आधार कार्ड होने पर ही एक जून से साधन सहकारी समितियों के माध्यम से उर्वरक (खाद) अनुदान पर मिलेगा। इसके लिए सहकारी संस्था इफ्को द्वारा साधन सहकारी समितियों के सचिवों को प्रशिक्षण देकर प्वाइंट ऑफ सेल (पौस) मशीनें दी जाएंगी। इस प्रणाली से उर्वरकों की कालाबाजारी पर भी रोक लगेगी।
राज्य में इफ्को द्वारा साधन सहकारी समितियों के माध्यम से काश्तकारों को दो तिहाई अनुदान पर उर्वरक (खाद) यूरिया, डाई अमोनियम फास्फेट (डीएपी) और नाइट्रोजन फास्फोरस पोटाश (एनपीके) उपलब्ध कराया जाता है। केंद्र सरकार उर्वरक वितरण प्रणाली को भी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) प्रणाली से जोड़ने जा रही है। योजना के तहत इफ्को साधन सहकारी समितियों को पौस मशीनें उपलब्ध कराएगा।
इफ्को के क्षेत्रीय अधिकारी विनोद कुमार जोशी ने बताया कि एक जून के बाद उर्वरकों का वितरण और बिक्री पौस मशीनों से होगा। इसके लिए काश्तकार को आधार नंबर बताना होगा और पौस मशीन में अंगूठे के निशान देने के बाद ही उर्वरक मिलेगा। इफ्को जिले के ग्यारह ब्लॉकों में 41 साधन सहकारी समितियों को पौस मशीन देगा।