आर्मी पब्लिक स्कूल में स्पिक मैके की ओर से आयोजित समारोह में प्रख्यात नृत्यांगना गौरी दिवाकर ने कथक नृत्य के माध्यम से समां बांध दिया। उन्होंने कत्थक नृत्य के तीनों तालों पर फन का जादू बिखेरा। मयूर नृत्य के साथ साथ प्राचीन कथाओं का भी वर्णन किया।
वंदे मातरम की प्रस्तुति पर भी उन्होंने जमकर तालियां बटोरी। बता दें कि गौरी दिवाकर मशहूर नृतक पंडित विरजू महाराज की शिष्या रही हैं। 2008 में वह उस्ताद विस्मल्लाह खान युवा पुरस्कार से भी नवाजी जा चुकी हैं। कार्यक्रम की शुरुआत उन्होंने शिव वंदना के साथ की। इसके बाद तबले पर भी हुनर दिखाया।
कथक नृत्य में उन्होंने तीनों ताल वेग, विलंबित, मध्यम और द्रुत का बखूबी मिश्रण किया। कथक नृत्यांगना ने मयूर नृत्य और प्राचीन कथाओं का वर्णन भी किया। हारमोनियम पर इंदु प्रकाश और तबले पर मोहित दरगानी ने संगत की। शुभारंभ संगीत शिक्षिका शांति पंत ने और संचालन रचना सिंह ने किया। प्रधानाचार्य कमलेश जोशी ने अतिथियों का स्वागत किया साथ ही स्पिक मैके संस्था का आभार जताया। इस अवसर पर विद्यालय के तमाम शिक्षक और छात्र-छात्राएं मौजूद थे।