धौलछीना (धौलछीना)। बरसात के दिन नजदीक आने के साथ भी जिले में कोई खास तैयारियां नजर नहीं आ रही हैं। कई कल्वर्ट मलबे से बंद हैं, तो कई मोटरमार्ग कीचड़ से पटे हुए हैं। कल्वर्टों के कूड़े और मलबे से बंद होने के कारण संभावित आपदा का खतरा भी बढ़ गया है।
बाड़ेछीना-सेराघाट मोटरमार्ग पर कई कल्वर्ट बरसों से बंद पड़े हैं। पक्की नालियां भी टेलीफोन लाइन के निर्माण के चलते क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। तब से ना ही नाली का निर्माण हुआ और न ही उन्हें खोलने का प्रयास किया गया। कल्वर्टों के बंद होने से पानी सड़कों पर बह रहा है, इस दौरान सड़क भी मिट्टी और कीचड़ के ढेर में पट चुकी है। एकमात्र सरकारी जेसीबी मशीन भी एक सप्ताह से खराब पड़ी है। बाजारों में मिट्टी और धूल के चलते चलना दुभर हो गया है।
टेलीफोन लाइन से सड़कों को काफी नुकसान हुआ है। धौलछीना बाजार जो सफाई के लिए मशहूर था, यहां आज भवन और दुकानें धूल मिट्टी से पटने को मजबूर हैं। इधर अवर अभियंता किशोर पटवाल ने बताया कि हाल ही में हमें श्रमिक उपलब्ध हुए हैं। श्रमिकों के अभाव में मोटरमार्ग की दुर्दशा है, अब शीघ्र व्यवस्था पटरी पर आने की उम्मीद है। जल्द ही जेसीबी मशीन भी ठीक करवा देंगे। कल्वर्ट खोलने का कार्य भी किया जाएगा।