स्याल्दे (अल्मोड़ा)। देघाट स्थित देवी मंदिर में शनिवार को चैत्राष्टमी मेला लगा। इसमें हजारों की तादाद में श्रद्धालु उमड़े। कई ग्रामीण मेले में ढोल-नगाड़ों के साथ मां का डोला लेकर आए। फूलों से सजे मंदिर में पांच दिन तक मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा का कार्यक्रम चला। देवी भागवत कथा से क्षेत्र में देवी भक्ति में सराबोर है।
अष्टमी मेले पर सुबह मंदिर में मंत्रोच्चारों के बीच पूजा-अर्चना और हवन का कार्यक्रम हुआ। सुबह से ही श्रद्धालुओं का जुटना शुरू हो गया और पूर्वाह्न तक भक्तों का हुजूम उमड़ आया। भक्तों ने मां के मंदिर में घंटियां, छत्र, कलश, मूर्तियां आदि चढ़ाए। मेले में गंगा आरती, झूले, झांकियां, सजी हुई दुकानें मेलार्थियों के आकर्षण का केंद्र रहीं। पूरा मेला परिसर मां के जयकारों से गूंजता रहा।
दूसरी तरफ मंदिर में देवी भागवत कथा जारी रही। कथा व्यास राजेंद्रानंद महाराज ने देवी भागवत कथा सुनाते हुए मां के नौ रूपों के महत्व का बखान किया। देवी भागवत कथा का पारायण रविवार को भंडारे के साथ होगा। थाना देघाट के थानाध्यक्ष दिनेश नाथ महंत के नेतृत्व में मेले में सुरक्षा व्यवस्था चौकस की गई थी।
पुलिस के साथ ही प्रशासन की ओर से तहसीलदार दीवान गिरी गोस्वामी ने भी व्यवस्था देखी। मेले की व्यवस्था बनाने में मंदिर समिति के