अल्मोड़ा। सनातन धर्म में पुण्यदायी और पवित्र माना गया माघ माह मंगलवार से शुरू हो रहा है। इस मास में भगवान विष्णु और सूर्य देव की पूजा करने से लोगों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। स्नान-दान और पूजा-पाठ के लिए ये माह उत्तम माना गया है।
हिंदू धर्म में माघ मास का विशेष महत्व है। जैंती सूरी के पंडित पीतांबर गुरुरानी ने बताया कि सनातन धर्म में माघ माह को अत्यधिक पवित्र माना जाता है। इस माह स्नान, दान, व्रत और तप करने का विधान है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, माघ माह में विधिविधान से श्रीहरि और मां लक्ष्मी के संग मां तुलसी की पूजा-अर्चना करने से सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। घर में मां लक्ष्मी का आगमन होता है। इस माह भगवान विष्णु और सूर्य देव की पूजा करने से व्यक्ति को सारे पापों से मुक्ति मिलने के साथ ही मृत्यु के बाद मोक्ष मिलता है। इस माह जप, तप, व्रत, गंगा स्नान के साथ ही भगवान सूर्य देव, मां गंगा और भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए। लोग माघ मास में तीर्थों में वास करते हैं जिसे कल्पवास कहा जाता है। इस माह सभी देव ऋषि मुनि तीर्थ राज में जप तप करने आते हैं।
क्या करें
-तिल और गुड़ का दान करना बहुत लाभकारी माना गया है।
- शनि दोषों से मुक्ति के लिए काले तिल का दान करें।
- गंगा स्नान करने से पाप मिट जाते हैं और पुण्य की प्राप्ति होती है।
- राहु दोष से मुक्ति के लिए गर्म कपड़े या कंबल का दान करें।
- सभी दिनों में तुलसी की पूजा करने के साथ ही गीता का पाठ करें। ईश्वर की कृपा प्राप्त होगी।
क्या न करें
-तामसिक भोजन और मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए।
- असत्य और किसी का अपमान नहीं करना चाहिए।
-मूली का सेवन नहीं करना चाहिए।