अल्मोड़ा। नगर से सटे ईको पार्क में दो दिन पूर्व देवदार के कई पेड़ काटने की शिकायत से वन विभाग के अधिकारियों में खलबली मच गई। अधिकारियों ने शिकायत मिलने पर जांच बैठा दी, लेकिन दो दिन तक की गई जांच के बाद शिकायत झूठी पाई गई। बताया गया कि जो पेड़ काटे गए उसमें विभाग की अनुमति थी।
दो दिन से सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा था। जिसमें बताया गया कि नगर के ईको पार्क से सटे क्षेत्र में देवदार के कई कीमती पेड़ काट लिए गए है। कुछ लोग पेड़ों की लकड़ी को वाहन में ले जाते भी वीडियो में दिखाई दे रहे थे। जिस पर ये मामला चर्चा का विषय बन गया। अधिकारियों को भी फोन किए गए जिस पर वन विभाग के अधिकारियों ने जांच बैठा दी। दो दिन तक की गई जांच के बाद शिकायत को गलत पाया गया। जांच में ये सामने आया कि जो पेड़ काटे गए हैं वे वन विभाग की अनुमति से ही काटे गए हैं। लोगों को उनकी जरुरत की पूर्ति के लिए लकड़ी उपलब्ध कराने के लिए अनुमति दी गई थी। इस आधार पर जांच को बंद कर दिया है।
ईको पार्क के पास पेड़ काटने की जो शिकायत मिली थी, उसमें पाया गया कि पेड़ अनुमति से काटे गए हैं। वह सूखे पेड़ थे। अवैध कटान करने वालों पर वन विभाग पहले से ही कार्रवाई करने को मुस्तैद है। -दीपक कुमार, डीएफओ वन प्रभाग अल्मोड़ा।