डाक कर्मचारी संघ ग्रुप सी ने पिछले वर्ष पोखरखाली उप डाकघर में हुए गबन के मामले में विभागीय कर्मचारियों के उत्पीड़न पर नाराजगी जताई है।
संगठन ने डाक अधीक्षक को ज्ञापन देकर इस मामले की धीमी जांच पर असंतोष जताया। संगठन ने इस मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की है, ताकि वास्तविक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो सके।
पोखरखाली उप डाकघर में पिछले वर्ष लाखों के गबन का मामला उजागर हुआ था। विभागीय जांच में उप डाकघर में कार्यरत महिला संविदा कर्मी को दोषी पाया गया था।
इसके बाद आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने पर पुलिस ने महिला कर्मी को गिरफ्तार किया था। इस मामले की धीमी जांच से लोगों में खासा रोष है।
डाक कर्मचारी संघ ग्रुप सी ने डाक अधीक्षक को ज्ञापन देकर जांच की धीमी गति पर ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा कि करीब सालभर बाद भी दस फीसदी जांच नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा डाकघर को जारी मूल मुहर, पासबुक, आरडी लौटों में लगाई गई मुहर, लिखावट में स्पष्ट अंतर है।
इससे लगता है कि दोषियों ने समानांतर डाकघर चला कर गबन किया। विभागीय जांच में कुछ कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करना प्राकृतिक न्याय के खिलाफ है।
घोटाले की तह तक पहुंचने को निष्पक्ष, त्वरित जांच के लिए मामला सीबीआई को सौंपना जरूरी है, ताकि वास्तविक दोषियों को सजा मिले और प्रभावित ग्राहकों को उनके द्वारा जमा की गई रकम वापस मिल सके।
उन्होंने प्रभावी जांच के बिना निलंबित कार्मिकों का निलंबन वापस लेने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में संगठन के अध्यक्ष वीपी डंगवाल, सचिव एनडी पांडे, योगेश गोस्वामी, पिंकी आर्या आदि शामिल हैं।