कार जलाने की घटना केमामले में पूछताछ के लिए चार लोगों को हिरासत में लेने पर मंडलसेरा के लोग भड़क गए। गुस्साए ग्रामीणों ने नारेबाजी कर कोतवाली का घेराव किया और कोतवाली में कुर्सी, मेज पटक दिए। इसके बाद एसबीआई तिराहे पर जाम भी लगाया। लोगों ने कोतवाल पर नशे में होने का आरोप भी लगाया।
सूचना मिलते ही एसडीएम, सीओ, तहसीलदार मौके पर पहुंचे। स्थिति कहीं बेकाबू न हो पुलिस ने आसपास के थानों से फोर्स भी बुला ली। जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी की मध्यस्थता में हुई वार्ता के बाद ग्रामीण शांत हुए। इसके बाद पुलिस ने हिरासत में लिए चारों लोगों को छोड़ दिया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि पूछताछ के नाम पर किसी बेकसूर को फंसाने की कोशिश की गई तो आंदोलन किया जाएगा।
22 मार्च की रात किसी ने मंडलसेरा के ग्राम प्रधान कैलाश गोस्वामी की कार में आग लगा दी थी। कोतवाल हरक सिंह फिरमाल के नेतृत्व में पुलिस शनिवार शाम मंडलसेरा गांव में पहुंची। आरोप है कि पुलिस ने वहां काम से घर लौट रहे किशन राम, नंदन राम, धन राम, अमर राम को मारपीट कर हिरासत में ले लिया। इससे भड़के ग्रामीण पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए थाने में पहुंचे। उन्होंने वहां हंगामा किया। थाने में कुर्सी, मेज पटक दिये। इसके बाद जाम लगा दिया। ग्रामीणों के उग्र तेवर तेवर देखते हुए कोतवाल वहां से खिसक लिए। उन्होंने कहा कि पुलिस अपराधियों को पकड़ने के बजाए बेकसूर लोगों को फंसाने में लगी है। जिसका विरोध किया जाएगा।
उन्होंने कोतवाल पर नशे में होने का आरोप लगाया और उनका मेडिकल कराकर थाने से हटाने, पकड़े गए चारों लोगों को छोड़ने की मांग की। कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी हो नहीं जाती, तब तक वे नहीं मानेंगे। सूचना मिलने पर एसडीएम फींचा राम चौहान, सीओ धनी राम, तहसीलदार पीएस मेहरा मौके पर पहुंचे उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। कुछ देर बाद जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी मौके पर पहुंचे। उनकी मध्यस्थता में हुई वार्ता के बाद ग्रामीण शांत हुए। पुलिस ने पकड़े गए चारों लोगों को छोड़ दिया। पुलिस की मार से चोटिल चारों का जिला अस्पताल में उपचार किया गया।
घेराव करने वालों में महिला मंगल दल की अध्यक्ष लीला देवी, ममता, अनीता, कमला, धनंजय बोरा, शेर सिंह मलड़ा, उमेश खेतवाल, शंकर चंद्र, फकीर चंद्र, गणेश राम, जीवन राम, प्रताप राम, जमना देवी, सरस्वती आदि शामिल थे। इधर कोतवाल ने कहा कि वह प्रधान की कार जलाने के मामले में पूछताछ के लिए ही ग्रामीणों को लाए थे। उन्होंने ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों को गलत बताया।