पांच महीने पहले सोमेश्वर तहसील के लद्यूड़ा गांव से लापता हुई 31 वर्षीय विवाहिता राजस्थान से बरामद कर ली गई। सोमेश्वर पुलिस उसे वापस ले आई। ससुरालियों ने महिला को घर ले जाने से इंकार कर दिया है तो उप जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर उसे नारी निकेतन अल्मोड़ा भेज दिया गया है।
लद्यूड़ा गांव से बीती 16 नंबर को विवाहिता लापता हो गई थी। उसका पति दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता है। उसके नौ और सात साल के बेटे हैं। परिजनों ने उसकी खोज की, लेकिन कोई पता नहीं लगा। विवाहिता की मां ने सोमेश्वर थाने में 25 नवंबर को गुमशुदगी दर्ज कराई।
16 अप्रैल को राजस्थान के थाना कुशखेड़ा (अल्वर) से सोमेश्वर पुलिस को महिला के मिलने की जानकारी मिली। सोमेश्वर थाने से एसआई दीवानी राम, कांस्टेबल कुंदन सिंह और रेनू चौहान अलवर गए और भगवती को ले आए। ससुरालियों को सूचना दी। सोमेश्वर के थानाध्यक्ष केआर आर्या ने बताया पति और सास ने विवाहिता को घर ले जाने से इंकार कर दिया है। उन्होंने बताया महिला को उपजिला मजिस्ट्रेट नंदन सिंह नगन्याल के आदेश पर नारी निकेतन अल्मोड़ा भेज दिया गया है। महिला से प्राप्त कर्णफूल और मंगलसूत्र उसकी मां के सुपुर्द कर दिए गए हैं।
मेरठ से आई मिस कॉल से बर्बाद हुई गृहस्थी
राजस्थान में मिली विवाहिता ने पुलिस को बताया कि उसके फोन पर मेरठ के सलावागांव निवासी विजेंदर कुमार की मिस कॉल आई। उसके बाद दोनों में बातों का सिलसिला शुरू हुआ तो उसके कदम बहक गए। 16 नवंबर को गांव से भागकर वह सोमेश्वर बाजार आ गई। विजेंदर कुमार वहां पहले ही पहुंच चुका था। वह उसके साथ मेरठ चली गई। एक महीने तक विजेंदर कुमार ने उसे अपने साथ रखा। उसके बाद उसने अपने छोटे भाई जितेंदर सिंह के साथ उसका विवाह कर दिया। जितेंदर उसे राजस्थान ले गया। 16 अप्रैल को किसी व्यक्ति की महिला के संदिग्ध होने पर वहां के एसपी को सूचना दी। कुशखेड़ा थाना पुलिस उसे थाने ले आई और सोमेश्वर पुलिस को सूचना दी। उसने राजस्थान पुलिस को आपबीती सुनाई और अपने घर जाने की बात कही। इसके बाद उसे सोमेश्वर पुलिस वापस ले आई। यहां परिजनों के इंकार करने पर उसे नारी निकेतन भेज दिया गया।