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गोसेवक के निधन के बाद 42 गायें हुईं ‘अनाथ’

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गौ सेवक स्व. शीशराम। (फाइल फोटो) - फोटो : ALMORA
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मौलेखाल (अल्मोड़ा)। सल्ट विकासखंड के थला मनराल गांव निवासी गो सेवक शीशराम (90) का सोमवार को निधन हो गया। वह पिछले तीन दशकों से गो सेवा कर रहे थे। उनकी गोशाला में 42 गाय व बछियां हैं। उनकी पत्नी गोविंदी देवी दिव्यांग हैं और गायों की देखभाल नहीं कर सकतीं। शीशराम के तीन बच्चे हैं। एक लड़की की शादी हो चुकी है। बड़े बेटे की मानसिक स्थिति ठीक नहीं हैै और छोटा बेटा अपनी बहन के साथ रहता है। ऐसे में 42 गायें अब लावारिस हो गई हैं। उनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है।
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सामाजिक कार्यकर्ता घनानंद शर्मा ने उपजिलाधिकारी सल्ट शिप्रा जोशी को ज्ञापन देकर गायों को गो सदन भेजने की मांग की है। बताया कि शीशराम को पूर्व में गोशाला बनाने के लिए विधायक निधि से एक लाख रुपये मिले थे। एक लाख में गोशाला पूरी नहीं बन सकी तो उन्होंने सोसायटी से पचास हजार का ऋण लिया। जिसे वह अब तक नहीं चुका पाए। अगर कोई गाय नहीं पालना चाहता था तो वह शीशराम को दे जाता था। ज्ञापन मिलने पर उपजिलाधिकारी शिप्रा जोशी ने बताया कि गायों को स्थानीय गोशाला भेजा जा रहा है। यदि वहां सही व्यवस्था न हो पाई तो रामनगर, काशीपुर या अन्य स्थानों पर स्थित गोशाला में गायों को भेजने की व्यवस्था की जाएगी। (संवाद)

थला मनराल गांव स्थित गौशाला में गायें।- फोटो : ALMORA

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