रानीखेत (अल्मोड़ा)। शनिवार की देर शाम चार लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि होने के बाद से ही हड़कंप मचा हुआ है। घनी आबादी वाले जरूरी बाजार क्षेत्र से एक फार्मासिस्ट के अलावा ताड़ीखेत और पांडेकोटा गांव के तीन लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। पांडकोटा गांव में 80 फीसदी आबादी को सख्त होम क्वारंटीन कर दिया गया है। जबकि संपर्क में आने वाले 25 लोगों को फिलहाल संस्थागत क्वारंटीन किया गया है। प्रशासन की टीम संपर्क में आने वाले अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है। दिन भर बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा।
पॉजिटिव मिले लोगों में जरूरी बाजार में किराए पर रहने वाले फार्मासिस्ट, एक स्वास्थ्य कर्मी, एक दुकानदार और एक शिक्षक शामिल है। ताड़ीखेत में परचून की दुकान चलाने वाले व्यक्ति में भी कोरोना की पुष्टि होने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है। ताड़ीखेत और जरूरी बाजार क्षेत्र की दुकानों में सुबह से ही सन्नाटा पसरा रहा। एसडीएम अभय प्रताप सिंह के नेतृत्व में नायब तहसीलदार दलीप सिंह सहित पूरी टीम ने इन इलाकों का निरीक्षण कर वहां सैनिटाइजेशन अभियान चलाया। रानीखेत में छावनी परिषद ने तो ताड़ीखेत और पांडेकोटा में फायर ब्रिगेड की टीम ने केमिकल का छिड़काव किया। यहां एएसआई सुभाष चंद्र जोशी के नेतृत्व में अभियान चलाया गया। नायब तहसीलदार दलीप सिंह ने बताया कि पॉजिटिव निकले लोगों के संपर्क में आने वाले लोगों की तलाश चल रही है। अब तक कुल 25 लोगों को संस्थागत क्वारंटीन किया गया है। इनके सैंपलों की जांच होगी। परिजनों को क्वारंटीन किया गया है। चारों पॉजिटिव लोगों को देर रात ही उपचार के लिए कोविड केयर सेंटर मजखाली भेज दिया गया है। प्रशासन की टीम दिन भर संपर्क में आने वाले लोगों की तलाश में जुटी रही।
पॉजिटिव निकले दो लोग पांडेकोटा गांव के हैं। गांव में 80 फीसदी लोगों को सख्त होम क्वारंटीन किया गया है। इनके सैंपल भी जांच को भेजे जाएंगे। हाई रिस्क में आने वाले फिलहाल 25 लोगों को संस्थागत क्वारंटीन कर उनके सैंपल जांच के लिए भेज दिए गए हैं।
दलीप सिंह, नायब तहसीलदार रानीखेत
नंदादेवी मेला अगले माह 23 से, सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं होंगे
अल्मोड़ा। प्रसिद्ध नंदादेवी मेला 23 अगस्त से गणेश पूजा के साथ शुरू होगा। मेले में इस साल सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं होंगे। नंदा देवी मेला और पूजन को लेकर यहां हुई मां नंदा देवी मंदिर और नंदा गीता भवन कमेटी की बैठक में तय हुआ कि पूजा परंपरागत तरीके से होगा। कोरोना के कारण मेला सादगी से मनाया जाएगा ताकि कम से कम लोग हिस्सा ले सकें।
बैठक में बताया गया कि 24 अगस्त को षष्ठी के दिन केले के खामों को शाम छह बजे मंदिर परिसर से आमंत्रण देने के लिए जाएंगे। 25 अगस्त की सुबह केले के खामों को मंदिर परिसर में लाया जाएगा। मां नंदा सुनंदा की मूर्ति का निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। मूर्ति निर्माण रवि गोयल और दीपक जोशी के नेतृत्व में किया जाएगा। 26 अगस्त को नंदाष्टमी मनाई जाएगी। 27 अगस्त को नवमी होगी। इस साल पांच सदस्यों की ही छोलिया टीम को बुलाया जाएगा। 28 अगस्त को शाम चार बजे मां नंदा सुनंदा की शोभा यात्रा निकलेगी। डोबानौला में मां नंदा सुनंदा की मूर्ति का विसर्जन किया जाएगा। जिसमें कोरोना गाइडलाइन का पालन किया जाएगा। बताया गया कि इस साल सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं होंगे। भजन कीर्तन भी नियमों के तहत ही होंगे। वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 2019 की सहयोग राशि कमेटी को अब तक नहीं दी है। जिससे मंदिर कमेटी की पूर्व देनदारी अब तक यथावत बनी है। अध्यक्षता कमेटी के अध्यक्ष मनोज वर्मा और संचालन सचिल ललित किशोर पंत ने किया। बैठक में किशन गुरुरानी, जीवन गुप्ता, धन सिंह मेहता, नरेंद्र वर्मा, मुन्ना वर्मा, मनोज सनवाल, अतुल अग्रवाल, तारा चंद्र जोशी, तारा दत्त जोशी आदि थे।