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कोरोना संघर्ष समिति अब ग्राम स्वावलंबन समिति के नाम से जानी जाएगी

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अल्मोड़ा में बैठक करते धर्म निरपेक्ष युवा मंच के पदाधिकारीगण। - फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा। धर्म निरपेक्ष युवा मंच की बैठक में तय हुआ कि मंच की ओर से गांवों में गठित कोरोना संघर्ष समिति का नाम अब ग्राम स्वावलंबन समिति होगा। वक्ताओं ने कहा कि समिति प्रवासी लोगों को रोजगार से जोड़ने की दिशा में काम करेगी।
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उन्होंने कहा कि कोरोना काल में कई लोग अपने घरों को लौटे हैं। उन्होंने क्वारंटीन का समय भी पूरा कर लिया है। अब इन लोगों के सम्मुख सबसे बड़ी समस्या रोजगार की है। गांव और नगर के युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए मंच ने प्रत्येक गांव के साथ ही अल्मोड़ा नगर में स्वावलंबन समिति के गठन का निर्णय लिया है। पूर्व में जिन गांवों में कोरोना संघर्ष समिति गठित की गई थी, उसे अब ग्राम स्वावलंबन समिति के नाम से जाना जाएगा। समिति का उद्देश्य घर लौटे प्रवासी युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए शासन-प्रशासन से मांग की जाएगी। इन विभागों में एक विशेषज्ञ अधिकारी हो जो कि स्वरोजगार के लिए युवाओं का मार्गदर्शन करें। तकनीकी सहायता दे। उत्पादों के विपणन और ग्रेडिंग की जिम्मेदारी भी शासन-प्रशासन की हो। हवालबाग विकासखंड के ग्राम पिल्खा में मंच ने ग्राम स्वावलंबन समिति का गठन कर दिया है। बैठक में मंच के संयोजक विनय किरौला, ग्राम प्रधान ज्योली देव सिंह भोजक, ग्राम प्रधान तलाड़बाड़ी किशन सिंह बिष्ट, प्रधान बंगसर भुवन कांडपाल, सुंदर लटवाल, विनोद मुस्यूनी, पवन मुस्यूनी, मयंक पंत, मनीष भाकुनी, चंदन कुमार, पंकज कुमार, विनोद कुमार, गिरीश कुमार आदि थे।
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