गरुड़ (बागेश्वर)। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन के विस्तार की मांग तेज होती जा रही है। तहसील क्षेत्र के पूर्व सैनिक भी इस मांग के समर्थन में आगे आने लगे हैं। पूर्व सैनिकों का कहना है कि कर्णप्रयाग से गरुड़ की दूरी करीब 50 किमी है। अगर यहां तक रेल लाइन का विस्तार किया गया तो यह क्षेत्र के विकास के साथ-साथ सुगम यातायात के लिए भी अहम साबित होगा। पूर्व सैनिकों का कहना है कि रेल लाइन के विस्तार के लिए जो भी मुहिम चलेगी उसका साथ दिया जाएगा।
कोट
कर्णप्रयाग रेल लाइन का गरुड़ तक विस्तार करने से बॉर्डर तक सेना के जवानों की पहुंच आसान होगी। पहाड़ का आवागमन भी सुलभ हो जाएगा। - गंगा सिंह रावल, पूर्व सैनिक, नौघर,
रेल लाइन आने से पहाड़ों में बेरोजगारी की समस्या दूर होगी। बॉर्डर सुरक्षित हो जाएंगे। आपातकाल में सेना का मूवमेंट आसान होगा। - हरीश भट्ट, पूर्व सैनिक, गढ़सेर,
गरुड़ तक रेल लाइन आने से आवाजाही आसान होगी, समय भी बचेगा। घंटों का सफर मिनटों में तय हो सकेगा। पहाड़ की सड़काें के सफर में परेशानी के कारण बचने वाले भी आसानी से आ सकेंगे। - आनंद सिंह गढ़िया, पूर्व नौसैनिक, गरुड़,
देश के कई हिस्सों में तैनाती में देखा कि जहां रेल सुविधा है, वहां तेजी से विकास हो रहा है। हमारे क्षेत्र में भी विकास और सुगम आवाजाही के लिए रेल लाइन बननी चाहिए। - किशन सिंह बरोलिया, पूर्व सैनिक, द्यौनाई,