अल्मोड़ा। भारत-जर्मन तकनीकी सहयोग परियोजना के तहत वन व वृक्ष आच्छादन की बहाली पर एक समीक्षा बैठक हुई। बैठक में वन परिदृश्य पुनर्स्थापन दृष्टिकोणों के कार्यान्वयन और संभावित विकास कार्यों पर विचार-विमर्श किया गया।
इसमें वन और वृक्ष आच्छादन में वृद्धि, भूमि क्षरण की रोकथाम तथा जैव विविधता संरक्षण जैसे उपायों पर चर्चा हुई। परियोजना के क्रियान्वयन के लिए तीन ग्रामों - धसपड़, नौगांव और चितई पंत- को शीर्ष प्राथमिकता में चुना गया है। आईयूसीएन ने इन तीनों क्लस्टर के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की है। जागेश्वर रेंज के धसपड़ ग्राम में पायलट साइट के रूप में कार्य शुरू करने पर सहमति बनी। जिलाधिकारी ने बताया कि परियोजना का मुख्य उद्देश्य वन संरक्षण और वनावरण को बढ़ाना है। बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी दीपक सिंह, मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा सहित कई अधिकारी मौजूद थे। संवाद