जिला विकास प्राधिकरण को समाप्त करने की मांग को लेकर डीएम कार्यालय प्रांगण में धरना देने जा रहे कांग्रेसियों को पुलिस ने कलक्ट्रेट गेट पर ही रोक दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर धक्का-मुक्की भी हुई। वहीं करीब आधा दर्जन से अधिक कांग्रेसी दूसरे रास्ते से जिलाधिकारी कार्यालय के समीप तक पहुंच गए और उन्होंने नारेबाजी की। बाद में उन्हें पुलिस ने हटाया। इसके बाद आक्रोशित कांग्रेस कार्यकर्ता कलक्ट्रेट गेट की सीढ़ियों पर ही धरने पर बैठ गए।
मालूम हो कि कलक्ट्रेट प्रांगण में प्रदर्शन प्रतिबंधित है। कांग्रेस के सोमवार को प्रदर्शन को देखते हुए जिला प्रशासन ने रविवार शाम से ही धारा 144 लागू कर दी थी। मालरोड से कलक्ट्रेट को जाने वाले मार्ग और गेट के अलावा बाजार के मुख्य गेट पर काफी संख्या में पुलिस बल तैनात कर रखा था। पूर्व विधायक मनोज तिवारी, पालिकाध्यक्ष प्रकाश जोशी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष पीतांबर पांडे के नेतृत्व में मालरोड से कांग्रेस कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट गेट तक पहुंचे, लेकिन वहां पर काफी संख्या में पुलिस बल के तैनात रहने के कार्यकर्ता कलक्ट्रेट परिसर में प्रवेश नहीं कर पाए। इस दौरान भीतर जाने को लेकर कांग्रेसियों की पुलिस के साथ काफी देर तक धक्का-मुक्की भी हुई।
बाद में कांग्रेसी कलक्ट्रेट की सीढ़ियों पर ही धरने पर बैठे गए और आधा दर्जन से अधिक कांग्रेसी उद्यान कार्यालय के समीप से कलक्ट्रेट परिसर में घुस गए। उन्होंने डीएम कार्यालय के समीप चहारदीवारी के ऊपर चढ़कर नारेबाजी की। बाद में इन कार्यकर्ताओं को पुलिस ने कलक्ट्रेट परिसर से बाहर किया।
धरना स्थल पर हुई सभा में पूर्व विधायक मनोज तिवारी ने आरोप लगाया कि सरकार जनता की आवाज को दबाने के लिए पुलिस का सहारा ले रही है। कहा कि यदि प्राधिकरण समाप्त नहीं किया गया तो कांग्रेस चरणबद्ध आंदोलन करेगी। पालिकाध्यक्ष प्रकाश जोशी ने कहा कि प्राधिकरण लागू होने से आम जनता का मकान बनाने का सपना टूट गया है। अध्यक्षता कांग्रेस जिलाध्यक्ष पीतांबर पांडे ने और संचालन दीपक मेहता ने किया। तारा चंद्र जोशी, मनोज सनवाल, त्रिलोचन जोशी, अमित जोशी, आनंद सिंह बगडवाल, भूपेंद्र भोज, हर्ष कनवाल, हेम तिवारी, राजेंद्र बोरा, प्रीति बिष्ट, लता तिवारी, गीता महरा, राधा बिष्ट, दिनेश पिलख्वाल, विनोद वैष्णव, कल्पना नेगी आदि ने विचार रखे।