ममड़छीना में जीर्ण-शीर्ण हालत में पड़ा प्राचीन नौला।
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चल्मोड़ा हेरिटेज सोसाइटी के सदस्यों ने ममड़छीना क्षेत्र का भ्रमण कर वहां स्थित प्राचीन नौले और गुफा की बदहाल स्थिति पर चिंता जताई है। उन्होंने पर्यटन और संस्कृति विभाग से नौले और गुफा के संरक्षण और सौंदर्यीकरण की मांग की है।
चल्मोड़ा हेरिटेज सोसाइटी के सदस्यों ने कोसी से करीब 12 किमी दूर ममड़छीना क्षेत्र का भ्रमण किया। वहां प्राचीन नौला जीर्ण-शीर्ण बना हुआ है। नौले में घास उगी हुई है, जबकि नौले में पानी भी है, लेकिन संरक्षण के अभाव में उपेक्षित है। सदस्यों ने नौले की सफाई भी की। वहीं नौले के समीप एक प्राचीन गुफा भी है। उसमें भी घास उगी हुई है। संस्था के सदस्यों का कहना है कि नौले और गुफा का संरक्षण किया जाना चाहिए। ममड़छीना अच्छे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो सकता है। सरकार जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग को इस ओर ध्यान देना चाहिए। भ्रमण में संस्था के विपिन जोशी, आशुतोष विश्वास, रेखा आर्या, राकेश रौंकली, तनिशा तिवारी, संतोष बिनवाल, देवेंद्र बिनवाल, दीवान पूना आदि शामिल थे।