राज्य सरकार के खिलाफ भाजपा कार्यकर्ताओं ने सोमवार को कलक्ट्रेट प्रांगण में धरना दिया और नारेबाजी की। इस मौके पर हुई सभा में वक्ताओं ने प्रदेश सरकार को हर मोर्चे पर विफल करार दिया। इस संबंध में उन्होंने डीएम के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भी भेजा।
धरना स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में राज्य में कानून व्यवस्था बिगड़ती जा रही है। स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हो गई हैं। अस्पतालों में डाक्टरों की तैनाती नहीं की जा रही है। आपदा प्रभावितों का पुनर्वास नहीं किया जा रहा है। आपदा के नाम पर मात्र सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है। खनन माफियाओं को खुली छूट दे दी गई है और राज्य में विकास कार्य ठप हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि भनोली तहसील के सालजाड़ा तोक में पिछले साल जुलाई में हुए तीसरे हत्याकांड का अब तक पर्दाफाश नहीं हो सका है। भाजपा मामले की सीबीसीआईडी जांच की मांग कर रही है, लेकिन सरकार उदासीन बनी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार जनता को मूलभूत सुविधाएं देने में नाकाम साबित हुई है।
पार्टी कांग्रेस सरकार के खिलाफ आंदोलन जारी रखेगी। धरने और सभा में जिलाध्यक्ष गोविंद सिंह पिलख्वाल, पूर्व जिलाध्यक्ष कैलाश शर्मा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मोहन राम आर्या, पूर्व विधायक रघुनाथ सिंह चौहान, ललित लटवाल, अरविंद सिंह बिष्ट, कैलाश गुरुरानी, अजय वर्मा, मनोज वर्मा, पंकज जोशी, राजेंद्र बिष्ट, धर्मेंद्र बिष्ट, त्रिभुवन कबडवाल, रमा जोशी, चंपा पांडे, पवन कुमार, डा. एसएस पथनी, कुलदीप राजौरिया, भुवन वर्मा, कमल बिष्ट, मो. वसीम अंसारी, कंचन कुमार, त्रिलोक लटवाल, चंदन गैड़ा, गौरव सिराड़ी, विनोद जौहरी, मीना भैसोड़ा आदि ने भाग लिया। सुरक्षा के लिए कलक्ट्रेट में पुलिस बल भी तैनात किया गया था।