बेस अस्पताल में चल रहे कुमाऊं के एकमात्र सरकारी हार्ट केयर सेंटर ने तीन साल के भीतर ही ‘दम तोड़’ दिया है। प्रदेश सरकार की ओर से करार आगे बढ़ाने से इनकार करने पर नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट ने बृहस्पतिवार को हार्ट केयर सेंटर से दोनों डॉक्टरों सहित अन्य स्टाफ को हटा दिया। एनएचआई से आदेश मिलते ही हार्ट केयर सेंटर की मशीनें आदि बेस अस्पताल के पीएमएस डॉ.एचसी गड़कोटी को सुपुर्दगी में दे दी गई है। हार्ट केयर सेंटर बंद होने से क्षेत्र के हृदय रोगियों को इलाज के लिए हल्द्वानी और अन्य स्थानों को जाना पड़ेगा। हालांकि विधानसभा उपाध्यक्ष ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही वैकल्पिक व्यवस्था के तहत हृदय रोग विशेषज्ञ तैनात किए जाएंगे।
बता दें कि पूर्व की कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में 2016 में प्रदेश शासन और नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट के सीईओ डॉ.ओपी यादव के बीच अल्मोड़ा में हार्ट केयर सेंटर खोलने के लिए करार हुआ था। करार के तहत नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट की ओर से हार्ट केयर सेंटर में दो हृदय रोग विशेषज्ञ, नर्स और तकनीकी स्टाफ समेत सात कर्मियों की तैनाती कर दी गई। हार्ट केयर सेंटर में मशीनें आदि स्वास्थ्य विभाग की ओर से उपलब्ध कराई गई थीं और डॉक्टरों और अन्य स्टाफ का वेतन राज्य सरकार वहन करती थी। हार्ट केयर सेंटर के संचालन के संबंध में करार को एक-एक साल के लिए बढ़ाया जा रहा था।
पूर्व में भाजपा सरकार ने भी इसके अनुबंध को आगे बढ़ाया था। पर मार्च 2019 में अवधि समाप्त होने के बाद से आज तक करार आगे बढ़ाने के संबंध में फैसला नहीं हुआ। बताया गया है कि डॉक्टरों और स्टाफ के वेतन आदि के लिए सरकार की ओर से एनएचआई को करीब एक करोड़ का भुगतान भी किया जाना है। इसे देखते हुए अगस्त में एनएचआई के सीईओ और वरिष्ठ सर्जन डॉ.ओपी यादव ने हार्ट केयर सेंटर को चलाने में असमर्थता जताते हुए 12 अगस्त से पूरी टीम को यहां से हटाने का फैसला लिया था। हालांकि बाद में स्थानीय विधायक और विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान के आग्रह पर उन्होंने स्टाफ हटाने का निर्णय कुछ समय के लिए टाल दिया था। चौहान ने सेंटर को आगे भी संचालित करने के बारे में मुख्यमंत्री से भी बात की, लेकिन सरकार ने करार आगे बढ़ाने से इंकार कर दिया और बृहस्पतिवार को सेंटर बंद हो गया।
स्थानीय कर्मचारियों को लगा गहरा झटका
हार्ट केयर सेंटर के अचानक बंद होने से वहां काम कर रहे कुछ स्थानीय लोगों को भी गहरा धक्का लगा है। तीन कर्मचारियों को बृहस्पतिवार को उनकी सेवाएं समाप्त होने की जानकारी मिली। इससे उनकी आंखों से आंसू निकल आए। इधर, बताया गया है कि सुबह करीब एक दर्जन लोग इलाज के लिए भी पहुंचे थे, लेकिन उन्हें लौटना पड़ा।
हार्ट केयर यूनिट बंद होने पर कांग्रेस का स्थानीय विधायक और प्रदेश सरकार पर हमला
बेस अस्पताल में स्थित हार्ट केयर यूनिट को बंद किए जाने के विरोध में कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को स्थानीय विधायक और प्रदेश सरकार का पुतला फूंका और आरोप लगाया कि स्थानीय विधायक की उदासीनता के कारण अल्मोड़ा में हार्ट केयर सेंटर बंद हो चुका है। जबकि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में पूर्व विधायक मनोज तिवारी ने तत्कालीन पूर्व मुख्यमंत्री के सहयोग से अल्मोड़ा में हार्ट केयर यूनिट की स्थापना की थी। चौघानपाटा में एकत्र कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्थानीय विधायक और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदेश सरकार के निर्णय और स्थानीय विधायक की उदासीनता का विरोध किया। वक्ताओं ने कहा कि पूर्व की कांग्रेस सरकार ने पर्वतीय क्षेत्र की जनता को लाभ देने के लिए यूनिट खुलवाई थी, लेकिन जनता के हितों से सरोकार नहीं रखने वाली भाजपा सरकार ने इसे बंद करा दिया।
इस दौरान कांग्रेस ने स्थानीय विधायक और प्रदेश सरकार का पुतला भी जलाया। कांग्रेस ने शुक्रवार 13 सितंबर को बेस हार्ट केयर यूनिट में धरना प्रदर्शन का भी एलान किया है। कांग्रेस ने नगर की जनता से भी इस मुद्दे पर समर्थन की अपील की है। पुतला दहन कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष पीतांबर पांडे, नगर अध्यक्ष पूरन रौतेला, पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी, लता तिवारी, हर्ष कनवाल, राजेंद्र बोरा, राजेंद्र बिष्ट, चंद्रकांत जोशी, मदन डांगी, संगम पांडे, गोपाल चौहान, संजय दुर्गापाल, राजीव कर्नाटक, दीपांशु पांडे, किशन लाल, तारा जोशी, परितोष जोशी, लीला जोशी, राधा बिष्ट, प्रीति बिष्ट, हेम तिवारी, अरविंद रौतेला, अशोक ग्वासीकोटी, फाकिर खान, कार्तिक साह, राजेंद्र कनवाल, मुकेश नेगी, दीपक मेहता समेत दर्जनों कांग्रेसी मौजूद रहे।