अल्मोड़ा। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माले) के दो दिवसीय पार्टी स्कूल कार्यक्रम में वक्ताओं ने सांप्रदायिकता और फासीवाद को देश के लिए खतरा बताते हुए भारत को राजकीय समाजवाद की ओर अग्रसर करने की नीति पर चलने का आह्वान किया। इस दौरान संविधान निर्माता अंबेडकर और सांप्रदायिकता और फासीवाद पर व्यापक चर्चा हुई।
प्रेरणा सदन में आयोजित पार्टी स्कूल कार्यक्रम में पहले दिन अंबेडकर, दलित आंदोलन पर चर्चा करते हुए इंद्रेश मैखुरी ने कहा कि अंबेडकर जाति को शोषण का अस्त्र बताते थे। उन्होंने भारत को राजकीय समाजवाद की ओर ढालने का प्रयास किया। कामरेड कैलाश पांडे ने कहा कि देश दक्षिणपंथी उभार की ओर बढ़ रहा है।
इससे सांप्रदायिकता, फासीवाद का खतरा देश के सामने पैदा हो रहा है। इससे आ रही चुनौतियों से निपटने के लिए सबको तैयार रहना चाहिए। कार्यक्रम में नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली जिलों से भी कार्यकर्ता प्रतिभाग कर रहे हैं। इस दौरान वक्ताओं ने अल्मोड़ा पुलिस, खुफिया विभाग पर पार्टी कार्यक्रम को लेकर अफवाह फैलाने और कार्यक्रम को बाधित करने का भी आरोप लगाया।
पार्टी नेता पुरुषोत्तम शर्मा ने आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस, खुफिया विभाग ने राजनीतिक दबाव में कार्यक्रम को माओवादी कार्यक्रम बताकर बाधित करने का प्रयास किया। उन्होंने बताया कि सुबह उनके झंडे भी निकाल दिए गए। इस दौरान पार्टी नेता बहादुर सिंह जंगी, अतुल सती, आनंद नेगी, शिवानी पांडे, गोविंद जीना, अतुल सती, मुकेश बिष्ट, कमल जोशी, विजय नेगी, राजेंद्र शाह आदि थे।