अल्मोड़ा। मोहान वन रेंज में अब पर्यटक सुंदर और दुर्लभ वन्यजीवों के दीदार कर सकेंगे। वन विभाग 15 नवंबर से जून तक यहां 16 किमी लंबी जंगल सफारी शुरू कराएगा। इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। सफारी शुरू करने का मुख्य उद्देश्य ईको टूरिज्म को बढ़ावा देना है।
अल्मोड़ा वन प्रभाग का मोहान रेंज सुंदर और दुर्लभ वन्यजीवों का वासस्थल है। यह रेंज पहाड़ से मैदान तक फैली है। जंगल के बीच से बहती कोसी नदी इस पूरे वन रेंज की सुंदरता में चार चांद लगा देती है। जंगल में पानी की पर्याप्त उपलब्धता के कारण यहां हाथी, हिरन, बाघ, तेंदुए, ऊदबिलाव मौजूद हैं। दुर्लभ प्रजाति की चीर फीजेंट की भी यहां मौजूदगी है। यह पक्षी राज्य के ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में पाया जाता है। महोख (ग्रेटर कूकल) भी यहां पाई जाती है। वन रेंज बर्ड वॉचिंग की दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण है।
बीते वर्ष यहां बड़ी संख्या में पर्यटक आए थे। इससे वन विभाग को 75 लाख रुपये की आमदनी हुई थी। वन विभाग ने गेट मरम्मत सहित कई अन्य कार्य शुरू कर दिए हैं। सभी कार्य जल्द पूरे कर लिए जाएंगे।
विदेशी मेहमान पक्षी भी आते हैं यहां
मोहान वन रेंज विदेशी मेहमान पक्षियों की सबसे पसंदीदा जगह है। नदी क्षेत्र होने से वेटलैंड (दलदली ) भूमि है। इस कारण मेहमान पक्षियों को यहां पर्याप्त भोजन मिल जाता है। यह क्षेत्र घोसला बनाने के लिए भी सुरक्षित है। इन विदेशी पक्षियों को देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। मेहमान पक्षी मई तक यहां अपना कुनबा बढ़ाते हैं। फिर हजारों किमी दूर अपने मूल स्थानों पर चले जाते हैं।
कोट
15 नवंबर से मोहान वन रेंज में जंगल सफारी शुरू कर दी जाएगी। इस वर्ष यहां पिछले वर्ष से अधिक पर्यटकों के आने की उम्मीद है। - दीपक सिंह, डीएफओ अल्मोड़ा वन प्रभाग