बीते पांच साल में भैंसियाछाना ब्लाक के खैरखेत और अन्य स्थानों पर हुई भूस्खलन की घटनाओं के बाद ग्रामीण काफी भयभीत हैं। बरसात में जब भी बारिश आती है भूस्खलन प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोग सहम जाते हैं। खैरखेत के 10 परिवार अपने घर छोड़ चुके हैं। उन्हें जूनियर हाईस्कूल के अलावा गांव के कुछ लोगों के घरों में शरण दी गई है। लगातार हो रहे भूस्खलन से गांव के अन्य लोगों पर भी खतरा मंडराने लगा है।
पिछले पांच सालों में खैरखेत के आधा दर्जन परिवारों को अपने घर छोडने पड़े थे। यह लोग जूनियर हाईस्कूल में रह रहे हैं। 2012 में विस्थापित किए गए चार परिवारों ने अन्य लोगों के घरों में शरण ले रखी है। ग्रामीणों ने बताया कि अब जूनियर हाईस्कूल इलाके के साथ ही कुछ अन्य जगहों पर भी भूस्खलन का खतरा हो रहा है। ग्रामीण बताते हैं कि बरसात में जैसे ही बारिश शुरू होती है लोग भयभीत होने लगते हैं। उनका कहना है कि सरकार को उनके लिए सुरक्षित स्थानों पर आवासों का निर्माण करना चाहिए।