मुख्यमंत्री हरीश रावत 21 दिसंबर को स्वर्गपुरी पांडवखोली आएंगे। वह वहां संस्थापक ब्रह्मलीन महंत बलवंतगिरि महाराज की पुण्यतिथि पर आयोजित भंडारे में शिरकत करेंगे। इधर प्रशासन ने सीएम रावत के संभावित दौरे को लेकर पांडवखोली में तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस अवसर पर तमाम कार्यक्रम भी होंगे।
पांडवखोली जिले की सबसे ऊंची चोटी 88 सौ फीट की ऊंचाई पर स्थित है। बताया कि मुख्यमंत्री हैलीकॉप्टर से पांडवखोली पहुंचेंगे। यह क्षेत्र पौराणाकि महाभारतकालीन घटनाओं से जुड़ा है।
यहां द्रोपदी बिहार, भीम की गुदड़ी, महावतार बाबा की गुफा सहित तमाम प्रख्यात स्थल हैं, लेकिन यह क्षेत्र आज तक योग ध्यान केंद्र के रूप में विकसित नहीं हो सका है। मुख्यमंत्री के पहुंचने से पांडवखोली क्षेत्र के विकास की उम्मीदें भी बलवती हो गई हैं।
इधर पथ भ्रमण संघ के अध्यक्ष हरीश शाह ने बताया कि मुख्यमंत्री के आगमन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। विशाल भंडारा होगा। विभिन्न विद्यालयों के छात्र छात्राएं रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करेंगे। ग्रामीण महिलाओं और पुरुषों के बीच भी तमाम प्रतियोगिताएं होंगी। रॉक क्लाइंबिंग भी कराई जाएगी। पांडवखोली में पहली बार किसी मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।