यहां नगर पंचायत सभागार में बाल साहित्य पर आधारित गोष्ठी में बाल मनोविज्ञान, रुचि, अभिरुचि आदि मुद्दों पर चर्चा हुई। बाल साहित्य की वर्तमान स्थिति को इसके अनुरूप बनाने को कहा गया।
साहित्यकार मनोज पांडेय की पुस्तक ‘हमराही’ का विमोचन भी किया गया। कहा कि आधुनिक परिप्रेक्ष्य में यह पुस्तक मील का पत्थर साबित होगी। पूर्व खंड शिक्षा अधिकारी ओपी हर्बोला ने बाल साहित्य के बारे में चर्चा की।
उन्होंने बच्चों की मन:स्थिति के आधार पर उन्हें पढ़ाने का आह्वान किया। साहित्य पर आधारित गोष्ठी में साहित्यकार रमेश चंद्र पंत ने बाल साहित्य की वर्तमान स्थिति पर व्याख्यान दिया। विशिष्ट अतिथि दीप चंद्र हर्बोला, केपीएस अधिकारी ने भी विचार रखे।
संचालन बाल साहित्यकार उदय किरौला, मनोज पांडेय ने किया। डॉ. प्रीतम अपछ्याण, डॉ. डीपी चौधरी, केपीएस अधिकारी, तारा लाल शाह, लक्ष्मी तिवारी, शंकर दत्त तिवारी, प्रेम सिंह पापड़, शिव कुमार, वीरेंद्र बिष्ट, अनिल गोस्वामी, गंगाधर त्रिपाठी थे।