अल्मोड़ा में बंद एक निजी क्लिनिक।
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पश्चिम बंगाल में महिला डॉक्टर से हिंसा के विरोध में जिले के निजी अस्पताल तो बंद रहे, जबकि जिला और महिला अस्पताल खुले रहे। बेस अस्पताल में सुबह आठ से 10 बजे तक दो घंटे का कार्य बहिष्कार रहा, लेकिन इस दौरान इमरजेंसी सुचारू रही। निजी अस्पतालों में मरीजों को अस्पताल बंद होने की सूचना पहले दिन ही दे दी थी। जिसके बाद सोमवार को मरीजों की भीड़ सरकारी अस्पतालों में उमड़ पड़ी। जिन मरीजों को निजी अस्पताल बंद होने की जानकारी नहीं थी वह काफी परेशान दिखाई दिए।
नगर के सभी निजी अस्पताल और क्लिनिक बंद रहे। इस दौरान निजी अस्पतालों में ओपीडी के लिए करीब 100 से 110 फोन कॉल आए। अस्पताल बंद होने की सूचना मिलने पर निजी अस्पतालों के मरीज जिला, महिला और बेस अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे। हालांकि जिला और महिला अस्पताल को छोड़कर बेस अस्पताल में सुबह दो घंटे कार्य बहिष्कार रहा, लेकिन बाद में वहां भी काफी संख्या में मरीज इलाज को पहुंचे। इस दौरान जिला अस्पताल में 692 ओपीडी और महिला अस्पताल में 160 ओपीडी हुई। अस्पताल के पीएमएस डॉ. प्रकाश वर्मा ने बताया कि हड़ताल की कोई सूचना नहीं थी, इसलिए सेवा सुचारू रखी गई। आपरेशन से संबंधित अधिकतर मामले सरकारी अस्पतालों में ही आते हैं इसलिए निजी अस्पतालों में आपरेशन का कोई मामला सामने नहीं आया। हालांकि कुछ एक मरीज जिन्हें निजी अस्पताल बंद होने की जानकारी नहीं थी परेशान दिखाई दिए। लमगड़ा से इलाज के लिए पहुंचीं नीमा देवी पत्नी मुरलीधर आर्या ने बताया कि सुबह आठ बजे वह अल्मोड़ा पहुंच गए थे। और निजी अस्पताल जीवन ज्योति में इलाज के लिए पहुंचे, लेकिन अस्पताल बंद होने की जानकारी मिलने के बाद जिला अस्पताल चले गए।