गरुड़ (बागेश्वर)। करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से बनी बैजनाथ झील की हर साल सफाई होने से सरकार को 20 लाख रुपये का शुद्ध राजस्व मिल रहा है। झील में नौकायन और मछली पालन होता तो सरकार को सरकार को हर साल एक करोड़ रुपये का राजस्व मिलता।
बैजनाथ झील का निर्माण करीब छह साल पहले हुआ था। शासन-प्रशासन ने झील में न मछली पालन प्रयास किया और न नौकायन। सिंचाई विभाग के आग्रह पर जिला प्रशासन दो साल से झील सफाई की निविदा आमंत्रित कर रहा है। झील की सफाई से आरबीएम और रेता निकल रहा है।
इससे सरकार को हर साल 20 लाख रुपये से ज्यादा का राजस्व मिल रहा है। बैजनाथ, फुलवारी गूंठ, मेलाडुंगरी, तैलीहाट, गढ़सेर, भकुनखोला, होटल एसोसिएशन कौसानी ने बैजनाथ झील की हर साल सफाई कर झील में नौकायन की व्यवस्था शीघ्र शुरू करने की मांग की है।
सरकार झील में नौकायन और मछली पालन करेगी तो सरकार को आरबीएम, रेता, मछली और नौकायन से हर साल एक करोड़ रुपये का राजस्व मिलेगा।
नौकायन की व्यवस्था होने से स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार भी मिलेगा। बैजनाथ झील में नौकायन और मछली पालन के संबंध शासन को डीएम ने फाइल भेजी है। स्वीकृति मिलने के बाद झील में नौकायन और मछली पालन होगा।