रानीखेत (अल्मोड़ा)। रानीखेत क्षेत्र में भी ई-संजीवनी एप की शुरुआत हो चुकी है। कोरोना काल में संजीवनी एप को वास्तव में संजीवनी माना जा रहा है।
आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा गांव-गांव जाकर जहां लोगों को होम आइसोलेशन की जानकारी दी जा रही है, वहीं एप से जुड़े चिकित्सक रात नौ से 10 बजे तक लोगों की बीमारी संबंधी समस्याओं का निराकरण कर रहे हैं।
भाजपा महिला मोर्चा की जिला कोविड प्रभारी विमला रावत ने बताया कि रानीखेत में आशा फैसिलेटर किरण जोशी के नेतृत्व में घर-घर जाकर कोरोना से होम आइसोलेशन अवधि पूरा करने वालों का हालचाल पूछा गया और उनको किट उपलब्ध करवाई गई।
उनकी सहयोगी आशा कार्यकर्ता शोभा पंत, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बबीता पांडे भी किट वितरण कर रही हैं। संजीवनी एप को डाउनलोड करने की जानकारी दी गई।
कहा कि ई-संजीवनी एप से जुड़ें और डाक्टरों को कॉल कर बीमारी का इलाज कराएं। भ्रमण के दौरान सह मीडिया प्रभारी विमला रावत ने बताया कि ई-संजीवनी एप का प्रचार-प्रसार करना मुख्य उद्देश्य था।
आशा कार्यकर्ता सरिता, गीता सजवान ने रानीखेत के अस्पताल, सेवा सदन राजपुरा, माल रोड, चौबटिया, लालकुर्ती, राय स्टेट, सरना गार्डन, आबकारी, सदर बाजार, सुदामापुरी, श्रीधर गंज, खड़ी बाजार, जरूरी बाजार, बद्रीव्यू जाकर कोरोना से ठीक हुए लोगों का हालचाल जाना और किट और मास्क वितरण किया।