स्याल्दे मुख्यालय सड़क पर जमा बारिश के पानी में तैरती बतख।
स्याल्दे(अल्मोड़ा)। पहाड़ के विकास के तमाम दावे किस तरह धरातल पर दम तोड़ रहे हैं इसकी जीवंत बानगी अल्मोड़ा जिले के स्याल्दे विकासखंड से सामने आई है। यहां मुख्य सड़क के बड़े-बड़े गड्ढों में भरे बारिश के पानी में अब बत्तखें तैरती नजर आ रही हैं। चचरोटी से मुख्य बाजार तक तीन किलोमीटर लंबी इस बदहाल सड़क ने स्थानीय जनता का सफर मुहाल कर दिया है और प्रशासन की उदासीनता के खिलाफ ग्रामीणों में गुस्सा है।
स्याल्दे विकासखंड की मुख्य सड़क की बदहाली क्षेत्र में विकास के दावों पर पलीता लगा रही है। जहां रोजाना सैकड़ों वाहनों की आवाजाही होती है वह सड़क बारिश में तालाब में तबदील हो चुकी हैं। हैरानी की बात है कि सड़क पर बने गड्ढों में भरे बारिश के पानी में अब बतख तैरती नजर आ रही हैं। यह तस्वीर पहाड़ में धरातल पर हो रहे विकास कार्यों की सच्ची कहानी बयां कर रही है। चचरोटी से मुख्य बाजार तक तीनी किमी लंबी सड़क की बदहाल हालत से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। लोगों ने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद बजट का हवाला देकर संबंधित विभाग पल्ला झाड़ रहा है। इस अनदेखी से सड़क पर हादसों की आशंका बनी हुई है। वहीं पानी लोगों के मकानों में घुस रहा है। ऐसे में लोगों में शासन और प्रशासन के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
सबसे व्यस्त सड़क में है शामिल
यह सड़क स्याल्दे के मुख्य बाजार को जोड़ने के साथ ही कई सहकारी, निजी कार्यालयों के साथ ही महत्वपूर्ण स्थानों तक पहुंचने का मुख्य रास्ता है। इसके चलते इस मार्ग पर दिनभर वाहनों की आवाजाही रहती है। सड़क पर गड्ढों में पानी भरने से वाहन चालकों के चोटिल होने का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने जल्द सड़क सुधारीकरण की मांग उठाई है।
जेई, चेतन रावल ने बताया कि तीन किमी लंबी सड़क पर पैच कार्य का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलने पर बारिश बंद होते ही प्राथमिकता के साथ गड्ढों को भरा जाएगा ताकि लोगों को राहत पहुंच सके।