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चौखुटिया में कृषकों ने किया सिंचाई कार्यालय का घेराव

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चौखुटिया में सिंचाई विभाग के एसडीओ कार्यालय का घेराव कर नारेबाजी करते धुधलिया बिष्ट के कृषक। - फोटो : ALMORA
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चौखुटिया (अल्मोड़ा)। नगर पंचायत के मध्य बहने वाली धुधलिया बिष्ट चकबरबर की सिंचाई नहर में पानी न होने से धान की पौध सूखने के कगार पर है। इसी से आक्रोशित कृषकों ने सिंचाई विभाग कार्यालय तक नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला। बाद में कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। किसानों ने दो दिन के भीतर नहर में पानी चलाकर सिंचाई की व्यवस्था करने की मांग करते हुए कार्यालय परिसर में अनिश्चितकालीन अनशन की चेतावनी दी है।
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कृषि प्रधान चौखुटिया घाटी के काश्तकारों में सिंचाई विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भारी रोष व्याप्त है। क्षेत्र के अधिकांश भागों में धान की पौध सूखने की स्थिति में है परंतु संबंधित अधिकारी नहरों में पानी नही चला पा रहे हैं। इससे चौतरफा रोष बढ़ रहा है।
इधर धुधलिया बिष्ट के चकबरबर की सिंचाई नहर में पानी न होने से धान की पौध पूरी तरह से सूखने की स्थिति में है। संबंधित अधिकारियों से लगातार गुहार लगाने के बावजूद कोई कार्रवाई न होने से गुस्साए लोगों ने चौखुटिया बाजार से सिंचाई कार्यालय तक करीब दो किमी पैदल चलकर जुलूस निकाला। तपती धूप में कामकाज छोड़कर सिंचाई कार्यालय पहुंचे लोगों ने कार्यालय परिसर में नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया और कार्यालय का घेराव किया। लोगों ने कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों को खूब खरी खोटी सुनाई।
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ईई जगत नारायण सिंह से फोन पर मिले आश्वासन के बाद लोग किसी तरह शांत होकर वापस लौटे। लोगों ने नहर में दो दिन के भीतर पानी न चलाए जाने पर सिंचाई कार्यालय में अनिश्चितकालीन अनशन शुरू करने की चेतावनी दी है।
जुलूस प्रदर्शन व घेराव करने वालों में जानकी देवी, हेमा, खुशाल सिंह अटवाल, सुरेंद्र सिंह, पुष्पा अटवाल, नंदन सिंह, बिशन सिंह, हरीश सिंह, प्रकाश सिंह, नीरू, खिमुली, भारती, गीता, हीरा, तारा, सरस्वती, मालती, बिमला, पूजा, राधा, लीला, चंद्रा, प्रेमा, ममता अटवाल व गीता देवी सहित कई लोग शामिल थे।
लोगों की सिंचाई समस्या का शीघ्र समाधान किया जा रहा है। शनिवार से धुधलिया बिष्ट की नहर की सफाई आदि कार्य पूर्ण कर पानी चलाने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए कर्मचारियों को लिखित रूप से भी निर्देशित कर दिया गया है। लोगों को आगे आंदोलन की जरूरत नहीं पड़ेगी।
जगत नारायण सिंह, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग रानीखेत
सिंचाई विभाग के अधिकारियों से लगातार गुहार लगाने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। हालत यह है कि हम लोग नदी से बाल्टी में पानी लागकर किसी तरह सूखती पौध को बचा रहे हैं। सुनवाई नहीं हुई तो अधिकारियों को सबक सिखाएंगे। ममता अटवाल
विभागीय लावरवाही के चलते किसान परेशान हैं। एसडीओ को कई बार फोन किया परंतु उन्होंने समस्या के समाधान की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया। नहर रामगंगा से चंद मीटर दूरी पर है इसके बावजूद यह हाल हैं। लोगों को मजबूर होकर सिंचाई विभाग के कार्यालय का घेराव करना पड़ा। दो दिन में स्थिति नही सुधरी तो बड़ा आंदोलन होगा। खुशाल सिंह अटवाल
धान की पौध सूखने की स्थिति में है। लोग सिंचाई जैसी मूलभूत समस्या से जूझ रहे हैं परंतु अधिकारी सुनने को तैयार नही हैं। चौखुटिया में सिंचाई विभाग के पूरे स्टाफ का स्थानांतरण कर यहां अच्छे अधिकारियों की तैनाती होनी चाहिए।
नीरू अटवाल
सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने कृषकों को रुलाकर रख दिया है। सिंचाई विभाग का यही रवैया रहा तो किसान खेती छोड़ने को मजबूर होगे। शासन प्रशासन को सिंचाई विभाग की मनमानी पर अंकुश लगाना चाहिए। वरना जनता आंदोलन को बाध्य होगी। सुरेंद्र सिंह
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