अल्मोड़ा। चेहल्लुम पर मुस्लिम समुदाय के बच्चों द्वारा बनाए गए ताजियों का शहर में जुलूस निकाला गया। जुलूस में बच्चे ढोल ताशे बजा रहे थे।
मोहर्रम के चालीस दिन बाद चेहल्लुम पर नगर में बच्चों द्वारा आकर्षक ताजिये बनाए जाते हैं। इस बार भी लाला बाजार कचहरी बाजार, नियाजगंज, थाना बाजार ओढख़ोला के बच्चों ने ताजिये बनाए थे। जो नियाजगंज में एकत्र हुए। यहां से ताजियों का जुलूस शुरू हुआ और परंपरागत मार्ग से होते हुए निकला। देर रात ताजियों को करबला में दफन किया जाएगा। इस मौके पर सर्फराज हुसैन, अमीनुर्रहमान, युसुफ तिवारी, इसरार अहमद, मो. शब्बीर, निजाम कुरैशी, शहजाद, शहाजाद काश्मीर, बाबर अंसारी आदि मौजूद थे।
चेहल्लुम पर रानीखेत में हुई ताजिया प्रतियोगिता
रानीखेत (अल्मोड़ा)। चेहल्लुम का पर्व मुस्लिम समुदाय के लोगों ने त्याग और बलिदान के रूप में मनाया गया। नगर में ताजियों का जुलूस निकाला गया। ढोल तासों और ताजियों के साथ लोग देर शाम यहां खड़ी बाजार चौराहे पर एकत्रित हुए। यहां से जुलूस निकला। देर रात यहां इमामबाड़े में नियाज हुई।
ताजियादारी की प्राचीन परंपरा को वापस लाने के लिए इस बार यहां ताजिया प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें एक दर्जन प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया। लालकर्ती, गुलजार मंजिल सहित तमाम स्थानों पर ताजिए सजाए गए थे, जिन्हें देर शाम यहां खड़ी बाजार चौराहे पर एकत्रित किया गया। यहां व्यापार मंडल अध्यक्ष भगवंत नेगी, कांग्रेस नेता अतुल जोशी, व्यापार मंडल उपाध्यक्ष दीपक अग्रवाल, कैलाश पांडे, नईम खान, मो. इदरीश बाबा आदि ने जुलूस को रवाना किया। यहां मातमी धुनों के साथ देर रात तक ताजियों का जुलूस निकला। देर रात ताजियों को करबला में दफन कर दिया गया।