बागेश्वर। पुरानी पेंशन बहाली समेत पांच सूत्रीय मांगे पूरी नहीं होने से नाराज उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षकों ने बृहस्पतिवार को बीईओ कार्यालय में धरना दिया। उन्होंने नारेबाजी कर विरोध जताया। धरना स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने मांग पूरी नहीं होने तक अनशन करने का ऐलान किया।
इस मौके पर बताया गया कि जिला स्तर पर 21 दिसंबर तक धरना जारी रहेगा। वक्ताओं ने पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, सातवें वेतन आयोग को एक जनवरी 2016 से लागू करने, सभी अनुबंधित शिक्षकों को समायोजित कर समान वेतन देने, राष्ट्रीय शिक्षा नीति से शिक्षा विरोधी प्रावधानों को हटाते हुए प्रारंभिक शिक्षा को सुदृढ़ीकरण करने, शिक्षक पात्रता परीक्षा व्यवसायिक प्रशिक्षण लेने से पहले लिए जाने की मांग की।
संघ के जिलाध्यक्ष विक्रम सिंह पिलख्वाल ने बताया कि 2006 से पुरानी पेंशन योजना की बहाली को लेकर आंदोलन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जंतर-मंतर में भी मांगों को लेकर धरना दिया था। बावजूद इसके मांगें पूरी नहीं हुईं। कहा कि 17 से 22 जनवरी तक राज्य स्तर पर और 21 से 27 फरवरी तक राष्ट्रीय स्तर पर अनशन करेंगे।
ये लोग बैठे धरने पर
बीईओ कार्यालय में जिला मंत्री इंद्रपाल धपोला, प्रेम सिंह दोसाद, कमलेश पांडे, महिपाल सिंह कपकोटी, राजेंद्र भैसोड़ा, मनोज जोशी, हरेंद्र विक्रम सिंह, पूरन नगरकोटी, महिपाल रावत, प्रताप कबडोला, चंद्रशेखर कांडपाल, भुवन ममगई, मीनू पंत, बबीता उपाध्याय, कमला ठठोला, गीता पाठक, पुष्पा आर्या, सोनू वर्मा, पंकज रावत, बलवंत धपोला, राजेश रावत, नवीन नगरकोटी, दिलीप भाकूनी आदि धरने पर बैठे।