अल्मोड़ा/बागेश्वर। दो दिन से लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गई है। गरमी के मौसम में चौमास जैसी झड़ी से अल्मोड़ा, रानीखेत और गरुड़ में 50 मिलीमीटर से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। बारिश से कई जगह नुकसान हुआ है। मलबा और और पेड़ गिरने से कई मार्ग बंद रहे। वहीं अनवरत वर्षा से नदियों का जलस्तर भी बढ़ गया है। लाइन पर पेड़ गिरने से कई जगहों पर बिजली आपूर्ति भी बाधित रही।
बागेश्वर में मंगलवार रात 12 बजे से बृहस्पतिवार शाम तक लगातार बारिश होती रही। बृहस्पतिवार को बारिश से जिला मुख्यालय के उत्तरी मंडलसेरा में मोहन राम के मकान का आंगन क्षतिग्रस्त हो गया। मकान के लिए भी खतरा उत्पन्न हो गया है। प्रभावित व्यक्ति ने मकान की सुरक्षा के लिए दीवार लगाने की मांग की है। जिला मुख्यालय के मंडलसेरा से आरे जाने वाले बाईपास में एक पेड़ सड़क पर पेड़ गिरने से कई घंटे तक आवाजाही ठप रही। बारिश से कपकोट के भयूं-गुलेर, कपकोट-पोलिंग-उतरौड़ा, बागेश्वर-दफौट सड़क में मलबा और बोल्डर गिर गए। कई घंटे की मशक्कत के बाद सड़क से बोल्डर और मलबा हटाया जा सका।
अल्मोड़ा में भी बृहस्पतिवार को लगातार मूसलाधार बारिश हुई। बारिश के बीच तापमान में गिरावट होने से मई में सर्दियों जैसी ठंड का एहसास होने लगा है। अल्मोड़ा और रानीखेत में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई। नगर का न्यूनतम पारा 15 डिग्री दर्ज किया गया। कर्फ्यू के बीच पहले से ही बाजारों में आवागमनन ठप है, लेकिन बारिश के बीच जरूरी कार्यों से भी लोग कम ही बाहर निकले। मई में सर्दियों जैसी ठंड से बचने के लिए लोगों ने गर्म कपड़े निकाल लिए।
नदियों का जलस्तर बढ़ा
बागेश्वर/अल्मोड़ा। लगातार हो रही बारिश से सरयू, गोमती और कोसी नदी का जलस्तर बढ़ गया है। आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बृहस्पतिवार को सरयू नदी का जलस्तर 865 मीटर और गोमती का जलस्तर 862 मीटर था। दोनों नदियों का चेतावनी स्तर 869 और खतरनाक स्तर 870.70 मीटर है। दोनों नदियों का इतना जलस्तर बरसात के दौरान रहता था। बारिश के बीच कोसी नदी का जलस्तर भी बढ़ गया। यहां से लगातार 300 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
मई में ऐसी बारिश कभी नहीं देखी
बागेश्वर। इस बार मई माह में हो रही बारिश से बुजुर्ग भी भौचक हैं। बुजुर्गों के अनुसार मई के महीने में उन्होंने इतनी बारिश पहले कभी नहीं देखी। बागेश्वर के सैंज निवासी बुजुर्ग बीडी जोशी, द्योलड़ा निवासी खीमानंद जोशी, बागेश्वर निवासी शिव सिंह नेगी का कहना है कि मई के माह में ऐसी बारिश देखने की याद नहीं है। लोग बदलते मौसम चक्र को प्रकृति के साथ छेड़छाड़ का प्रतिफल बता रहे हैं। बात पिछले कुछ वर्षों की करें तो मई के माह में कभी भी ऐसी बारिश तो दूर बारिश ही नहीं हुई। हालांकि लोग बारिश को धान की बुवाई के लिए अवश्य मुफीद मान रहे हैं। (संवाद)
लाइन पर पेड़ गिरने से कई गांवों की बिजली गुल
बागेश्वर। लगातार हो रही बारिश से बिजली की लाइनों को भी नुकसान हो रहा है। बृहस्पतिवार को महतगाड़ के समीप बिजली की लाइन पर चीड़ का पेड़ गिरने से लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। इससे भटनीकोट, फस्याटी, लाल पहाड़, महतगाड़, चौरा, पल्सों, दोफाड़, सुनदिल, बनलेख आदि गांवों की बिजली गुल हो गई। उधर, काफलीगैर के मटेला गांव के पास भी बिजली की लाइन पर पेड़ गिर गया, जिससे मटेला, छौना, बिलौरी गांव की बिजली व्यवस्था भंग हो गई। यूपीसीएल के ईई भाष्कर पांडेय ने बताया कि लगातार हो रही बारिश के कारण लाइनों की मरम्मत में दिक्कत आ रही है। जल्द ही बिजली व्यवस्था बहाल कर दी जाएगी।
खेती को पहुंचेगा लाभ तो प्राकृतिक स्रोत होंगे रिचार्ज
अल्मोड़ा। किसानों के लिए मेघ राहत बनकर बरसे हैं। गैर सिंचित इलाकों में इससे जमकर सिंचाई हो रही है। वहीं प्राकृतिक जलस्रोतों के भी इससे रिचार्ज होने की उम्मीद जगी है। मुख्य कृषि अधिकारी प्रियंका सिंह ने बताया कि लगातार दो दिनों से हो रही बारिश खेती के लिए लाभदायक है। ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंच सकता था, लेकिन सिर्फ बारिश होने से फसलों की पैदावार अच्छी हो सकेगी। उधर गर्मियों के बीच जल स्रोतों के रिचार्ज होने से कई इलाकों में पेयजल संकट से निजात मिलने की उम्मीद है।
कहां कितनी मिमी हुई बारिश
गरुड़ - 57 मिमी
अल्मोड़ा- 56 मिमी
रानीखेत- 50 मिमी
द्वाराहाट- 26 मिमी
कपकोट - 45 मिमी
चौखुटिया- 44 मिमी
भिकियासैंण- 41 मिमी
सोमेश्वर- 39 मिमी
बागेश्वर - 37.5 मिमी
सल्ट- 36 मिमी
जागेश्वर- 29.50 मिमी
ताकुला- 28 मिमी
भैंसियाछाना- 27.5 मिमी
शीतलाखेत- 21 मिमी
बारिश से धूरासंग्रोली में मकान क्षतिग्रस्त
अल्मोड़ा। बारिश से लमगड़ा ब्लाक के अंतर्गत धूरासंग्रोली गांव में दो मंजिला मकान क्षतिग्रस्त हो गया है। भवन स्वामी ने पड़ोसियों के यहां शरण ली है।
धूरासंग्रोली गांव में भागुली देवी पत्नी स्व. बचुली राम का आवासीय मकान है। बृहस्पतिवार शाम करीब साढ़े तीन बजे मकान के क्षतिग्रस्त होने का आभास हुआ तो भागुली देवी, उनके पुत्र संजय कुमार, उसकी पत्नी और बच्चे बाहर निकल आए। कुछ ही देर में मकान टूट गया। पड़ोसियाें ने गोठ में बंधे मवेशियों को बाहर निकाला। मकान के मलबे में सारा सामान भी दब गया है। प्रभावित परिवार ने पड़ोसी ईश्वरी राम के यहां शरण ले रखी है। ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष दीवान सतवाल ने भवन क्षतिग्रस्त होने की सूचना एसडीएम लमगड़ा और आपदा कंट्रोल रूम में दी है। उन्होंने और सरपंच रमेश बिष्ट, सामाजिक कार्यकर्ता दयाल पांडे आदि ने प्रशासन से मौका मुआयना करवाकर प्रभावित परिवार को मुआवजा देने की मांग उठाई है। (संवाद)
पेड़ गिरने से अल्मोड़ा-सोमेश्वर सड़क कई घंटे बंद रही
अल्मोड़ा। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच बृहस्पतिवार को अल्मोड़ा-सोमेश्वर राष्ट्रीय राजमार्ग में चीड़ का विशाल पेड़ गिर गया। इस दौरान घंटों मोटरमार्ग बाधित रहा। बृहस्पतिवार सुबह करीब नौ बजे सोमेश्वर थानाध्यक्ष राजेंद्र सिंह बिष्ट को दूरभाष पर अल्मोड़ा-सोमेश्वर मोटरमार्ग में पातलीबगड़ के समीप पेड़ गिरने की सूचना मिली। विशाल पेड़ गिरने से घंटों यातायात बाधित हो गया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। सूचना के बाद थानाध्यक्ष के नेतृत्व में पुलिस टीम आपदा उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने फायर सर्विस की टीम के साथ मिलकर वुडकटर और आरामशीन के माध्यम से मोटरमार्ग में पड़े को काट दिया। करीब दो घंटों के भीतर मशक्कतों के बाद 11 बजे मोटरमार्ग सुचारु कर दिया गया।
बारिश का कहर, जीबी पंत पार्क के पास की दीवार ढही
रानीखेत (अल्मोड़ा)। क्षेत्र में बारिश का कहर जारी है। बारिश से जन-जीवन अस्त व्यस्त हो चला है। नगर के समीप ही भारी बारिश के कारण जीबी पंत पार्क के पास जरूरी बाजार मार्ग की दीवार ढह गई। इसके चलते लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा तहसील क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों से भी छिटपुट नुकसान की सूचनाएं हैं। इधर भारी बारिश के कारण कड़ाके की ठंड पड़ रही है।
चिलियानौला, मजखाली में ब्लैक आउट, लाइनें जगह जगह क्षतिग्रस्त
रानीखेत (अल्मोड़ा)। नगरपालिका चिलियानौला क्षेत्र की बिजली बुधवार को हुई तेज बारिश के दौरान गुल हो गई। लोग रात भर अंधेरे में रहे। सुबह नौ बजे बमुश्किल व्यवस्था बहाल हो पाई। ताड़ीखेत के अवर अभियंता महिपाल सिंह ने बताया कि थापला और आस पास के क्षेत्रों में बारिश और अंधड़ के कारण बिजली के लाइन के ऊपर टहनियां गिर गई थीं, जिससे जाइन जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई थीं। इस कारण आपूर्ति बाधित रही। उधर, मजखाली क्षेत्र में भी बुधवार रात को बिजली आपूर्ति ठप रही।
चिलियानौला नगर पालिका को वर्षों से रानीखेत फीडर से जोड़ने की मांग उठ रही है। यहां बारिश होते ही बिजली गुल हो जाती है। ताड़ीखेत सब डिवीजन से जुड़ा होने के कारण पूरी लाइन जंगल से होकर गुजरती है। बरसात के दिनों में लोगों को दो से तीन दिन तक अंधेरे में बिताने पड़ते हैं। अवर अभियंता ने बताया कि रानीखेत फीडर में लोड अधिक होने के कारण योजना सफल नहीं हो पाई थी। फिलहाल इसे ताड़ीखेत सब डिवीजन से जोड़ा गया है। मजखाली क्षेत्र के लोगों ने भी रात अंधेरे में बिताई। एसडीओ सौरभ जोशी ने बताया कि बनोलिया, कालिका के पास पेड़ गिर जाने के कारण दिक्कतें हुई। रात्रि 11 बजे यहां भी बिजली चली गई थी। नैनी तक बृहस्पतिवार की सुबह बिजली बहाल हो गई थी। मजखाली मुख्य बाजार में वृहस्पतिवार की देर शाम तक बिजली बहाल हो पाई। यह क्षेत्र रानीखेत बिजली घर मजखाली फीडर से जुड़ा हुआ है।