भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। म्यर चौकोट सामाजिक एवं विकास परिषद स्याल्दे की ओर से आयोजित दो दिवसीय चौकोट महोत्सव का रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ समापन हो गया। महोत्सव के दूसरे दिन स्कूली छात्र-छात्राओं और महिलाओं ने कुमाऊंनी, गढ़वाली गीत और नृत्य की शानदार प्रस्तुति प्रस्तुति से समा बांधा।
कलाकारों ने होली गीत बाली उमरिया है मोरी ओ कान्हा हमसे खेलो ना होरी, त्यरौ लहंगा के भलौ छाजीरौ आंखों में लगें लै काजला नजरें लागली, मोहना तू बैठी रैछै म्यर दिल मां गीतों की प्रस्तुति से दर्शकों का मनोरंजन किया। इस अवसर पर चौकोट महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष हृदयेश मेहरा ने आयोजन को सफल बनाने में सभी स्कूलों, महिला मंगल दलों, महिला समूहों और स्थानीय प्रतिनिधियों सहित सभी का आभार जताया।
उन्होंने भविष्य में आयोजन को और भव्य बनाने में सभी से सहयोग की अपील भी की। इस मौके पर डॉ. गोकुल सिंह सत्याल, जिला पंचायत सदस्य प्रवीण सिंह, जीजीआईसी स्याल्दे की प्रधानाचार्य गीता रानी, गौरीशंकर, जसवंत सिंह, खीमानंद जोशी, भूपेंद्र सिंह, मनोज नेगी, राकेश बिष्ट, सूरज मेहरा, प्रेमगिरी गोस्वामी, पृथ्वीपाल सिंह, जीवन चंद गौड़, हरीश जोशी, बलवंत सिंह बिष्ट, प्रताप सिंह माहोडी, रणजीत सिंह मेहरा, दर्शन जोशी, रमेश उप्रेती, कुंदन लाल आदि मौजूद थे। संचालन गौरीशंकर और आशा जोशी ने किया।