जीजीआईसी अल्मोड़ा में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि विधानसभा उपाध्यक्ष और विधायक रघुनाथ सिंह चौहान ने विवेकानंद इंटर कालेज अल्मोड़ा के मेधावी छात्र क्षितिज भट्ट विक्रमादित्य के उपन्यास ऐलान-ए-जंग का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होता है। आज निरक्षरता, अंधविश्वास, भ्रष्टाचार, आतंकवाद, जातिवाद और सांप्रदायिकता के खिलाफ जंग छेड़ने की जरूरत है।
उन्होंने क्षितिज भट्ट के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों में प्रतिभा छुपी होती है। उसे तराशने की जरूरत है। वरिष्ठ साहित्यकार डा. दिवा भट्ट ने 86 पेज के उपन्यास की समीक्षा प्रस्तुत की। सालम के गणाऊं (जैंती) के मूल निवासी उपन्यास के लेखक क्षितिज भट्ट ने कहा कि आज समाज में कई विसंगतियां हैं। इनको दूर करने के लिए किसी न किसी को पहल तो करनी ही होगी। सामाजिक परिवर्तन के लिए एक मुहिम चलाने की जरूरत है। क्षितिज ने बताया कि लेखन की प्रेरणा उन्हें अपने पिता विपिन भट्ट और माता हेमा भट्ट से मिली। शिक्षकों के मार्गदर्शन से पुस्तक प्रकाशित हो सकी। उपन्यास का दूसरा भाग 12वीं बोर्ड परीक्षा के बाद प्रकाशित किया जाएगा। रंगकर्मी नवीन बिष्ट ने कहा कि पठन-पाठन की संस्कृति विलुप्त हो रही है। बाल साहित्य संस्थान के सचिव उदय किरौला ने संस्थान की योजनाओं के बारे में बताया। पूर्व बैंक अधिकारी एचएच बिष्ट ने बाल लेखक क्षितिज भट्ट को पांच हजार, ग्रामोत्थान सेवा समिति गणाऊं के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद भट्ट ने 2100 रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की।
पूर्व बाल विकास अधिकारी धना शाही और बीना भट्ट ने क्षितिज को सम्मानित किया। अल्मोड़ा अर्बन कोआपरेटिव बैंक के अध्यक्ष आनंद सिंह बगड़वाल, श्याम सिंह कुटौला, नवीन पाठक, धनी शाही, आरपी भट्ट ने विचार रखे। संचालन नीरज पंत ने किया। कार्यक्रम में प्रमोद तिवारी, अनिल पुनेठा, जेसी भट्ट, उदय किरौला, साक्षी भट्ट, आशा भट्ट, लीला खोलिया, मोती प्रसाद साहू, गणेश भट्ट, डा. सतीश भट्ट, हयात रावत, उमा गस्याल, पवनेश ठकुराठी, मोहन रावत, विनोद राठौर, शंकर भट्ट, ज्योति लटवाल, गोपाल जीना, सुरेंद्र अग्निहोत्री, मीना भट्ट, रूप सिंह बिष्ट, पुष्पा कैड़ा, मनोज कांडपाल, भुवन उपाध्याय, संजय डालाकोटी, जसोद सिंह बिष्ट, भूपेंद्र बल्दिया, डा. बसुधा पंत, जगदीश पाठक मौजूद थे। हेमा भट्ट ने सभी का आभार व्यक्त किया।