अल्मोड़ा। प्रारंभिक शिक्षा विभाग में फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर प्राथमिक शिक्षक के पद पर तैनात तीन सहायक अध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग ने जिले के सभी विकासखंडों में कार्यरत शिक्षकों के शैक्षिक और प्रशिक्षण प्रमाणपत्रों के सत्यापन कराने का निर्णय लिया है। विभाग के इस कदम से शिक्षकों के दस्तावेज की जांच प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है।
शिक्षकों के प्रमाणपत्र फर्जी होने की शिकायत पर कराई गई जांच के दौरान तीन शिक्षकों के प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए थे। इसके बाद विभाग ने सभी विकासखंडों के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराने का निर्णय लिया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार सत्यापन प्रक्रिया निष्पक्ष और अनिवार्य रूप से कराई जाएगी। मुख्य शिक्षा अधिकारी हरक राम कोहली ने बताया कि फर्जी प्रमाणपत्र का मामला सामने आने के बाद जिले में कार्यरत शिक्षकों के शैक्षिक व प्रशिक्षण प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराना आवश्यक हो गया है। इस संबंध में सभी विकासखंडों में तैनात उप शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर आवश्यक निर्देश जारी किए जा रहे हैं जिसमें प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाणपत्रों के साथ ही प्राप्त प्रशिक्षण एवं अन्य आवश्यक प्रमाणपत्रों का संबंधित बोर्ड और विश्वविद्यालयों से सत्यापन कराने के निर्देश शामिल हैं।
सत्यापन की प्रक्रिया जल्द पूरी कर प्रमाणपत्रों की रिपोर्ट तैयार करने को कहा जा रहा है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य शिक्षकों के दस्तावेज की प्रमाणिकता सुनिश्चित करना और नियुक्तियों में पारदर्शिता बनाए रखना है। -हरक राम कोहली, मुख्य शिक्षा अधिकारी