राजकीय संग्रहालय में रखी गई सातवीं से बारहवीं सदी की विशाल प्रस्तर प्रतिमाएं अब पर्यटकों और आम जनता के आकर्षण का केंद्र बनेंगी। राजकीय संग्रहालय की मांग पर संस्कृति विभाग ने निर्माण एजेंसी ग्रामीण निर्माण विभाग को 1.23 लाख की धनराशि आवंटित कर दी है। इस धनराशि से मूर्तियां प्रदर्शित करने के लिए स्टैंड का निर्माण किया जाएगा।
शहर के बीचों बीच स्थित राजकीय संग्रहालय में सदियों पुरानी प्रतिमाएं, बहुमूल्य सिक्के समेत कई ऐतिहासिक धरोहरें हैं। स्थानीय समेत बाहर से आने वाले लोग अक्सर संग्रहालय में आकर यहां की ऐतिहासिक धरोहरों को देखने पहुंचते हैं। राजकीय संग्रहालय ने परिसर को और भी ज्यादा खूबसूरत और आर्कषक बनाने के लिए संस्कृति विभाग को पत्र लिखा था। जिसमें प्राचीन प्रतिमाओं को परिसर के बाहर लगाने की अनुमति मांगी थी। ताकि पर्यटक बाहर से ही संग्रहालय को देखकर आकर्षित हो सकें। संग्रहालय परिसर में लगाई जाने वाली इन प्रस्तर प्रतिमाओं में सूर्य, रावणानुगृह समेत करीब नौ मूर्तियां शामिल हैं जो कि सातवीं से बारहवीं सदी की हैं।
इनके अलावा जिले के विभिन्न स्थानों से भी स्तंभ, वीरखंभ आदि परिसर में लगाने का प्रस्ताव है। संस्कृति विभाग ने प्रस्तर प्रतिमाओं को लगाने के लिए अनुमति देने के साथ स्टैंड लगाने के लिए 1.23 लाख रुपये निर्माण एजेंसी ग्रामीण निर्माण विभाग को दे दिए हैं। निर्माण एजेंसी ने सर्वे कार्य पूरा कर लिया है और अब स्टैंड लगाने की तैयारी में जुट गया है। उम्मीद की जा रही है कि मई आखिरी या जून में संग्रहालय परिसर में यह कार्य पूरा हो जाएगा। प्रभारी संग्रहालय डा. ज्ञान प्रकाश तिवारी ने बताया कि संस्कृति निदेशालय से मूर्ति स्टैंड बनाने के लिए पैसा मिल चुका है जिसे ग्रामीण निर्माण विभाग को दिया जा चुका है। शीघ्र ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।